Pimpri: कोविड अस्पताल में भर्ती कराने के लिए 1 लाख रुपये लेने वाले फॉर्च्युन स्पर्श हेल्थकेयर संस्था के डॉ प्रवीण जाधव और पद्मजा अस्पताल के डॉ. शशांक राले व सचिन कसबे गिरफ्तार

पिंपरी/पुणे: कोविड अस्पताल में एडमिट कर मुफ्त बेड पर उपचार देने के लिए 1 लाख रुपए लेकर लूट करने के मामले में 3 डॉक्टर को पिंपरी पुलिस ने हथकड़ी पहनाई है। मनपा के ऑटो कलस्टर अस्पताल में इलाज के लिए एडमिट करने के दौरान यह चौंकानेवाला खुलासा हुआ है। मनपा ने जिस फॉर्च्युन स्पर्श हेल्थ केयर संस्था को मरीजो की सेवा करने के लिए कॉन्ट्रैक्ट दिया है, उस संस्था के डॉ प्रवीण जाधव, वाल्हेकरवाडी स्थित पद्मजा नाम का प्राइवेट अस्पताल के डॉ सचिन कसबे और डॉ शशांक राले को गिरफ्तार किया गया है।

23 अप्रैल को चिखली की एक महिला को आईसीयू बेड की जरूरत थी। उसने पद्मजा अस्पताल से संपर्क किया। उस समय डॉ कसवे और काले ने कहा कि हमारे पास बेड नहीं है लेकिन हम आपको एक जगह पर बेड उपलब्ध करा के देंगे। हालांकि इसके लिए एक लाख रुपये देने पड़ेंगे। उसने इस पर हामी भरी। तब डॉ कसबे और डॉ काले ने ऑटो कलस्टर कोविड अस्पताल के डॉ प्रवीण जाधव से मिलने के लिए कहा। उन्होने बेड की व्यवस्था करने की जानकारी संबंधित को दी।

पिछले कई घंटो से इसी ऑटो कलस्टर अस्पताल में बेड खाली न होने की बात कही गई थी। फिर कुछ ही घंटो में यहाँ पर बेड खाली कैसे हो गया, यह सवाल संबंधित महिला ने पूछा। लेकिन पहले मरीज को इलाज की जरूरत थी इसलिए उन्होने बेड को प्रधानता दी। उस महिला ने यह बात नगरसेवक को बताई कि डॉ प्रवीण जाधव नाम के एक व्यक्ति ने 1 लाख रुपया लिया है। उसके बाद ऑटो क्लस्टर अस्पताल में हंगामा मच गया। उसका असर 30 अप्रैल को सर्वसाधारण सभा में देखने को मिला। इस मामले पर 6 घंटे तक चर्चा हुई। अंत में पिंपरी चिंचवड मनपा के आयुक्त राजेश पाटिल ने इन मामले में एफआईआर दर्ज करने का आश्वासन दिया।

दूसरे दिन पिंपरी पुलिस के पास इस संदर्भ में शिकायत आवेदन दर्ज किया गया। इस मामले कि विस्तृत जांच कर दोषी पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई। पुलिस ने जांच चक्र घुमाया और डॉक्टर को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई की वजह से यह जानकारी सामने आई कि मुफ्त बेड पर इलाज कराने के लिए डॉक्टर मरीज को लूट रहे हैं। शहर की वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए प्रशासन इस बात को गंभीरता से लेते हुए इस लूट को रोकने के लिए उचित उपाययोजना करेगी, यही उम्मीद है।

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