पेट्रोल-डीजल के दाम में तत्काल 8.50 रुपए प्रति लीटर मिल सकती है राहत   

नई दिल्ली. ऑनलाइन टीम : पेट्रोल-डीजल  के भाव में रोज ऐसा तड़का लग रहा है कि महंगाई के कारण रसोई का पूरा जायका ही बिगड़ रहा है। देश के कई शहरों में तो पेट्रोल का भाव तीन डिजिट यानी 100 रुपए के भी पार पहुंच गया है। आम आदमी को आसमान छूती कीमतों से राहत देने के लिए सरकार असरदार रास्ता निकालने की फिराक में है,  ताकि उपभोक्ताओं पर टैक्स का बोझ भी कम हो जाए और सरकार के खजाने पर भी आंच न आए।

इसके पहले तात्कालिक राहत के रूप में सरकार पेट्रोल और डीजल के आयात शुल्क में 8.50 रुपए प्रति लीटर की कटौती कर सकती है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि 4.35 लाख करोड़ रुपए के रेवेन्यु लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार शुल्क में करीब 8.50 रुपए की कटौती कर सकती है। हालांकि यह भी बड़ी राहत की बात होगी, क्योंकि कोरोना महामारी के बाद केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर 13 रुपये और डीजल पर 16 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी थी, जिसके बाद पेट्रोल का ये शुल्क 32.9 रुपए और डीजल पर 31.8 रुपए हो गया था।

यह भी खबर है कि वित्त मंत्रालय पेट्रोल-डीजल की महंगाई से लोगों को स्थायी राहत देने के लिए अब एक्साइज ड्यूटी में कटौती पर भी विचार कर रहा है। नाम नहीं बताने की शर्त पर एक सूत्र ने बताया कि टैक्स में कटौती से पहले सरकार तेल की कीमतें स्थिर होने का इंतजार कर रही है, क्योंकि सरकार टैक्स स्ट्रक्चर को दोबारा बदलना नहीं चाहती।  पिछले 12 महीने में मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीज़ल पर टैक्स में दो बार बढ़ोतरी की है। इस प्रकार जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव न्यूनतम रिकॉर्ड स्तर पर था, तब भी आम जनता को पेट्रोल-डीज़ल के मोर्चे पर बड़ी राहत नहीं मिल सकी।

इनवेस्टमेंट फर्म ICICI Securities के एक्सपर्ट्स के मुताबिक, वित्त वर्ष 2020-21 के लिए पेट्रोल-डीजल के जरिए टैक्स कलेक्शन का लक्ष्य करीब 3.2 लाख करोड़ रुपए तय किया गया है। याद रहे कोरोना महामारी के बाद केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर 13 रुपये और डीजल पर 16 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी थी, जिसके बाद पेट्रोल का ये शुल्क 32.9 रुपए और डीजल पर 31.8 रुपए हो गया था।

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