Parambir Singh | परमबीर सिंह के खिलाफ बेलेबल वारंट जारी

परमबीर सिंह

मुंबई (Mumbai News) : मुंबई चांदीवाल कमीशन ने महाराष्ट्र (Maharashtra) के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह (Parambir Singh) के खिलाफ बेलेबल वारंट (bailable warrant) जारी किया है। 100 करोड़ के कथित भ्रष्टाचार (Corruption) मामले में यह वारंट (Parambir Singh) जारी किया गया है।

 

राज्य सरकार (State Government) द्वारा नियुक्त किए गए जांच आयोग के सामने पेश न होने पर यह कार्रवाई की गई है। परमबीर सिंह के खिलाफ वारंट जारी करने के लिए आयोग ने पुलिस महासंचालक को उच्च दर्जे के अधिकारी को नियुक्त करने का निर्देश किया है।

 

कमीशन ने द्वारा 50 हज़ार रुपए का जमानती वारंट जारी किया गया है।

 

इससे पहले भी पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में चांदीवाला जांच आयोग (Chandiwala Inquiry Commission) के परमबीर सिंह हाजिर नहीं हुए थे। आयोग ने इसको लेकर सिंह के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया था आयोग ने कहा था कि अगली सुनवाई में सिंह हाजिर नहीं हुए तो उनके खिलाफ वारंट जारी कर दिया जाएगा।

 

इस आयोग के अध्यक्ष पद पर उच्च न्यायालय (High Court) के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ती (सेवानिवृत्त) कैलाश चांदीवाल (Kailash Chandiwal) की नियुक्ति की गई है।

 

मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह (Parambir Singh) ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) को पत्र लिखकर पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) पर 100 करोड़ रुपए वसूलने का गंभीर आरोप लगाया था। हाई कोर्ट ने इस मामले में दायर याचिका पर सीबीआई जांच का भी निर्देश दिया। राज्य सरकार ने मुंबई हाई कोर्ट (Mumbai High Court) के सेवानिवृत्त न्यायाधीश चांदीवाला की अध्यक्षता में जांच आयोग के माध्यम से आरोपों की समानांतर न्यायिक जांच की शुरू की है। जांच आयोग ने सिंह को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था। न्या. चांदीवाल आयोग ने 30 मई को परबीर सिंह के साथ 5 लोगों को समन भेजा था। प्रतिज्ञापत्र प्रस्तुत न करते हुए परमबीर सिंग पूछताछ के लिए अनुउपस्थित रहे। इसकी दखल लेते हुए आयोग ने शुरुआत में जून महीने में परमबीर सिंह को 5 हजार, 19 अगस्त को 25 हजार और 25 अगस्त को फिर से 25 हजार का जुर्माना लगाया।

 

जुर्माने की रकम को मुख्यमंत्री कोविड मदद निधी में जमा करने का निर्देश देते हुए 30 अगस्त को सुनवाई निश्चित की थी। इसमें भी परमबीर सिंग अनुपस्थित रहे। परमबीर सिंग गिरफ्तारी के डर से पेश नहीं हो रहे हैं ऐसा आरोप लगाया जा रहा है।

 

आयोग के सामने उपस्थित रहने की सख्ती

 

आयोग ने राज्य के पुलिस महासंचालक को इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया है। परमबीर को अब आयोग के सामने हाजिर रहकर जमानत लेना होगा। इस बीच परमबीर ने चांदीवाल आयोग की पूछताछ के लिए याचिका के माध्यम से मुंबई उच्च न्यायालय में अपील की है। मेरे लिखे पत्र पर हाईकोर्ट न सीबीआई जांच (CBI Investigation) करने का निर्देश दिया है फिर अलग से जांच की क्या जरूरत है ? ऐसा सवाल परमबीर सिंह ने याचिका में उठाया है। है। इस याचिका पर जल्द ही सुनवाई होने की संभावना है।

 

अनिल देशमुख को लुकआउट नोटिस

 

राज्य के पूर्व गृहमंत्री और राष्ट्रवादी के नेता अनिल देशमुख के खिलाफ ईडी ने सौ करोड़ रुपये वसूली मामले में लुकआउट नोटिस भेजा है। 100 करोड़ की वसूली की जांच कर रहा प्रवर्तन निदेशायल (Enforcement Directorate) अनिल देशमुख को अब तक पांच बार समन जारी कर चुका है, लेकिन वे एक बार भी ईडी के सामने हाजिर नहीं हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने भी उन्हें राहत देने से इंकार कर दिया था। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि वे जांच से बचने के लिए देश छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

 

 

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