मोटापा हर परेशानी की जड़, इसे नियंत्रित रखने करें यह उपाय 

नई दिल्ली. ऑनलाइन टीम : इन दिनों बड़ों से लेकर छोटे बच्चे तक भी मोटापे के शिकार हो रहे है, गलत ढंग से खान-पान, रहन-सहन से जब शरीर पर चर्बी चढ़ती है तो पेट बाहर निकलना, कमर मोटी होना, जैसे मोटापा के लक्षण दिखाए देने लगते हैं।  आहार भूख से थोडा कम ही लेना चाहिए। इससे पाचन भी ठीक होता है और पेट बड़ा नहीं होता। पेट में गैस नहीं बने इसका खयाल रखना चाहिए। गैस के तनाव से तनकर पेट बड़ा होने लगता है। दोनों समय शौच के लिए अवश्य जाना चाहिए।

आयुर्वेद के अनुसार, मोटापा वात, पित्त और कफ के असंतुलित होने की वजह से होता है। खासतौर से कफ दोष के असंतुलित होने की वजह से ये ज्यादा बढ़ जाता है, जो आपके शरीर में उपस्तिथ मेद धातु को असंतुलित कर देती है। इनके अलावा आपका पाचन तंत्र कमजोर होना भी इसकी एक अहम वजह है। आमतौर पर ये देखा गया है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाएं इस तरह के मोटापे का शिकार ज्यादा होती हैं। पाचन तंत्र खराब होने की वजह से थायरायड और शुगर जैसी समस्याएं भी शरीर को घेर लेती हैं। दिन भर में तीन बार पेट भरकर खाने से हमारा पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं कर पाता, इसलिए हर दो से तीन घंटे में थोड़ा-थोड़ा खाते रहें। दिन भर में 8-10 गिलास पानी का इस्तेमाल सेहत के लिए बेहद जरूरी है। पानी तब तक न पिएं जब तक आपको प्यास न लगी हो। हर तय समय पर तोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें।

इस तरह के आहार को करें शामिल

-हफ्ते में कम से कम एक बार कार्बोहाइड्रेट्स से परहेज करें।
-हरी कड़वी सब्जियों का सेवन करें। जैसे करेला, मेथी, पालक।
-सैचुरेटेड फैट वाले उत्पाद बिल्कुल भी न खाएं।
-मिठाई और अल्कोहल का सेवन सीमित मात्रा में ही करें।
– खाने में मैदा, चीनी और चावल का उपयोग कम करें।
-प्रातः 2-3 किलोमीटर तक घूमने के लिए जाया करें।
-सुबह उठकर शौच से निवृत्त होने के बाद आसनों का अभ्यास करें।
-भोजन में जौ-चने के आटे की चपाती लेना शुरू कर दें।
-प्रातः एक गिलास ठण्डे पानी में 2 चम्मच शहद घोलकर लें।

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