अब इस खास योजना के लिए स्पेशल टास्क फोर्स

पुणे : समाचार ऑनलाईन – नदी प्रदूषण के कारण, प्रदूषित क्षेत्र, प्रदूषण रोकने जरूरी कार्यों की रूपरेखा के अलावा उस पर अमल करने के लिए चरणबद्ध कार्यक्रम बनाया जाएगा। इन सभी का अध्ययन करने हेतु राज्य सरकार द्वारा जिलास्तरीय अलग पर्यावरण नियंत्रण दल यानी स्पेशल एन्वायर्नमेंट सर्वेलेंस टास्क फोर्स की स्थापना की गई है। जल्द इस के जरिए नदी प्रदूषण रोकने संदर्भ में जरूरी उपायों पर अमल किया जाएगा।

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अनुसार के अनुसार जिलास्तर पर प्रदूषित नदी क्षेत्र का प्रदूषण रोकने राज्य सरकार द्वारा स्पेशल टास्क फोर्स की स्थापना की गई। यह प्रयोग पहली बार पुणे जिले के लिए किया गया है। कुल 7 सदस्यों की इस टास्क फोर्स में प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारी, जिलाधिकारी कार्यालय के प्रतिनिधि, पुलिस व विधि सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधियों का समावेश होगा। हाल ही में इस टास्क फोर्स की पहली बैठक प्रदूषण नियंत्रण मंडल के पुणे शहर के प्रादेशिक कार्यालय में हुई। इस बैठक में प्रदूषण नियंत्रण मंडल के प्रादेशिक अधिकारी दिलीप खेडकर, जिलाधिकारी कार्यालय के प्रशासकीय अधिकारी दत्तात्रय लांघी, जिला विधि सेवा प्राधिकरण के सेक्रेटरी सी।पी। भागवत, पुलिस इंस्पेक्टर सुजात इनामदार, प्रदूषण नियंत्रण मंडल के उपप्रादेशिक अधिकारी किरण हसबनीस, नितिन शिंदे, उपेंद्र कुलकर्णी सहित टास्क फोर्स के सभी सदस्य शामिल हुए थे। जिले की नदियां सबसे अधिक प्रदूषित है। उस संबंध में करने के कार्य व समिति की आगे की प्लानिंग पर चर्चा की गई।

प्रदूषण रोकने स्पेशल टॉस्क फोर्स की स्थापना
इस बारे में खेडकर ने बताया कि नदियों के प्रदूषण क्षेत्र का प्रदूषण रोकने इस स्पेशल टास्क फोर्स की स्थापना की गई है। इस माध्यम से प्रभावी रूप से कार्य किया जाएगा। इस लक्ष्य की पूर्ति के संदर्भ में कार्यों की रिपोर्ट केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल को पेश की जाएगी। साथ ही रेत के उत्खनन पर नियंत्रण रखने, नदी किनारे वृक्षारोपण, कचरा समस्या हल करने उचित उपायों पर अमल करने पर जोर दिया जाएगा।

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