अब केजरीवाल की एंट्री…. पूरी कैबिनेट के साथ सिंधु बॉर्डर पर किसानों से मुलाकात, कहा- हम भी आपके साथ

नई दिल्ली. ऑनलाइन टीम : किसान आंदोलन में अब दिल्ली सरकार ने भी एंट्री मारी है। सोमवार को  हरियाणा-दिल्ली सीमा पर स्थित सिंधु बॉर्डर पर मुख्यमंत्री केजरीवाल अपनी पूरी कैबिनेट के साथ किसानों से मिलने पहुंचे। केजरीवाल ने किसानों की सभी मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी मांग जायज है। मैं और मेरी पार्टी उनके साथ खड़े हैं। डेप्युटी सीएम मनीष सिसोदिया भी थे। केजरीवाल ये कहकर सहानुभूति हासिल करने की कोशिश की कि किसानों का आंदोलन शुरू होने के वक्त दिल्ली पुलिस ने हमसे 9 स्टेडियम को जेल में बदलने की इजाजत मांगी थी। मेरे ऊपर दबाव बनाया था, लेकिन मैंने अनुमति नहीं दी। माना जा रहा है कि यह सरकार के खिलाफ सोची-समझी विपक्षी रणनीति हो सकती है, क्योंकि किसानों के 8 दिसंबर को भारत बंद की चेतावनी दी है, जबकि   केंद्र ने गतिरोध समाप्त करने के लिए 9 दिसंबर को एक और बैठक बुलाई है।

आरएसएस से जुड़े भारतीय किसान संघ ने इस घेराबंदी पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि जब दोनों पक्ष 9 दिसंबर को फिर से वार्ता करने के लिए सहमत हुए हैं तो फिर 8 दिसंबर को भारत बंद की घोषणा उचित नहीं है। भारतीय किसान संघ ने अपने बयान में कहा है कि कुछ विदेशी ताकतें, राष्ट्रद्रोही तत्व और  राजनीतिक दलों का प्रयास किसान आंदोलन को अराजकता की ओर मोड़ देने में प्रयासरत है।

इन पार्टियों ने किया है भारत बंद का समर्थन : कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राकांपा के प्रमुख शरद पवार, माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी,  द्रमुक के प्रमुख एम के स्टालिन तथा पीएजीडी के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला समेत प्रमुख विपक्षी नेताओं ने भारत बंद का समर्थन किया है। किसान नेता बलदेव सिंह यादव ने कहा,  चूंकि सरकार हमारे साथ ठीक से व्यवहार नहीं कर रही थी, इसलिए हमने भारत बंद का आह्वान किया। ‘यह आंदोलन पूरे देश में फैल चुका है। उन्होंने सभी से बंद को शांतिपूर्ण ढंग से करने की अपील की है।

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