पुणे में लॉकडाउन नहीं… व्यापारी महासंघ का पालकमंत्री पवार को पत्र

पुणे: कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। इसलिए पुणे में भी लॉकडाउन होने की चर्चा हो रही है। ऐसे माहोल में पुणे व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष फतेहचंद रांका और सचिव महेंद्र पितलिया ने उपमुख्यमंत्री और पुणे के पालक मंत्री अजित पवार के साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखा है।

पुणे में लॉकडाउन लागू करे कि नहीं इस संदर्भ में समीक्षा की जा रही है। इसके अनुसार मरीजों की बढ़ती संख्या पर भी प्रशासन की नजर है। इन सभी परिस्थितियों की समीक्षा वाली रिपोर्ट आयुक्त सौरभ राव अजित पवार को देने वाले हैं। इसके बाद लॉकडाउन का निर्णय लिया जाएगा। हालांकि इससे पहले व्यापारी महासंघ ने पत्र लिखा है। इसमे कहा गया है कि पुणे में पूर्ण लॉकडाउन हो, ऐसी मनस्थिति में व्यापारी महासंघ नहीं है। कोरोना के खिलाफ लडने के लिए लॉकडाउन ही एक विकल्प नहीं है। व्यापारियो की आर्थिक स्थिति अभी भी अच्छी नहीं हुई है। लॉकडाउन का असर कर्मी और उसके परिवार पर होगा।

इसके अलावा फाइव स्टार होटल मे बड़े बड़े विवाह समारोह हो रहे हैं। इसमेन बड़ी संख्या में भीड़ जमा हो रही है। वो लोग किसी भी नियम का पालन नहीं करते हैं। बिना मास्क घूमने वालो पर प्रशासन कोई कारवाई नहीं कर रही है। कई बड़े अधिकारियो इन बड़ी-बड़ी शादियो को अनदेखा कर रहे हैं। उनपर कोई कारवाई नहीं हो रही है।

व्यापारी लॉकडाउन के खिलाफ

पुणे व्यापारी महासंघ निवेदन कर रहा है कि पुणे शहर में पूर्ण लॉकडाउन न करे। व्यापारी लॉकडाउन के खिलाफ हैं। हमे लगता है कि पुणेकर अब इसका पालन नहीं कर सकेंगे।

महासंघ ने ये सुझाव दिए

-जिस सोसायटी और बंगले में कोरोना मरीज पाए गए हैं सिर्फ उस सोसयटी और बंगले को सील कर कडक नियम लागू करे।

–बिना मास्क घूमने वालो पर कड़ी कारवाई करे।

– ग्रुप में जमा होने वाले जो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं, ऐसे लोगो पर कड़ी कारवाई करे।

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