एनआईए ने दी अनुमति…शपथ लेने के बाद अखिल गोगोई को फिर जाना होगा जेल

ऑनलाइन टीम. नई दिल्ली : गुवाहाटी की एक विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार को जेल में बंद सामाजिक कार्यकर्ता और रायजोर दल के अध्यक्ष अखिल गोगोई को असम विधानसभा के नए सदस्य के रूप में शपथ लेने की अनुमति दे दी है। गोगोई ने जेल से ही सिबसागर सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सुरभि राजकंवरी को हराया। उनकी 84 वर्षीय मां प्रियदा गोगोई ने प्रचार अभियान की जिम्मेदारी संभाल रखी थी।

नव गठित रायजोर दल के संस्थापक दिसंबर 2019 से राजद्रोह के आरोप में जेल में बंद हैं। निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़े अखिल गोगोई को 57,219 वोट मिले, जो 46.06 प्रतिशत मत हैं।
45 वर्षीय गोगोई को दिसंबर 2019 में देश को अस्थिर करने के उद्देश्य से नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के विरोध के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में जेल में डाल दिया गया था।   वह अभी भी हिरासत में हैं, क्योंकि जांच एजेंसी द्वारा उनके खिलाफ दर्ज एक अन्य मामले में उन्हें जमानत मिलना बाकी है।

गोगोई के वकील संतनु बोथाकुर ने कहा, “अदालत के फैसले के अनुसार, गोगोई को गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जीएमसीएच), जहां वह अभी भर्ती हैं, से विधानसभा तक पुलिस की सुरक्षा में ले जाया जाएगा। गोगोई को कोरोना के इलाज के लिए पिछले साल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वर्तमान में वे अन्य बीमारियों का इलाज करवा रहे हैं।  गोगोई को केवल शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की अनुमति दी गई है। उन्हें दोबारा जेल में लौटना होगा।

याद रहे शिवसागर विधानसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह से लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी तक ने अपने प्रत्याशियों के लिए चुनावी रैलियां की थीं। दूसरी ओर, नागरिकता क़ानून यानी सीएए के ज़ोरदार विरोध के चलते अखिल दिसंबर 2019 से जेल में बंद हैं। यानी वे अपने चुनाव प्रचार के लिए ख़ुद इलाक़े में मौजूद नहीं थे। इसके बाद भी वे विजयश्री का पताका फहराने में कामयाब रहे। जेल में बंद अखिल गोगोई ने असम विधानसभा के ताज़ा चुनाव में एक निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पर्चा भरा था। 46 साल के अखिल गोगोई की जीत की सबसे बड़ी वजह सीएए विरोध को ही माना जा रहा है।

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