नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल के संकेत ? 23 लोगों के शामिल होने की संभावना 

नई दिल्ली, 16 जून : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल के दो वर्षों में मंत्रालय के कामकाज का लेखाजोखा लेकर 20 कैबिनेट मंत्री व स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा करने का काम पूरा हो गया है।  यह प्रक्रिया यानी बड़े फेरबदल और केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।  प्रधानमंत्री मंत्रिमंडल का आने वाले कुछ सप्ताह में फेरबदल के साथ विस्तार की संभावना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और अन्य मंत्रियों के साथ बैठक की है।  विभिन्न कारणों की वजह से विदेश मंत्री एस जयशंकर, शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक इस बैठक में शामिल नहीं हो पाए।
प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 2106 में इसी तरह से विभिन्न मंत्रालय के कामकाज की समीक्षा कर  मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया था।  फ़िलहाल केंद्रीय मंत्रिमंडल में प्रधानमंत्री के साथ 55 मंत्री है और इसके और 23 मंत्रियों को शामिल कर मंत्रिमंडल का विएस्टर किया जाएगा।
मंत्रिमंडल में स्थान बनाये रखने के लिए कामकाज की समीक्षा महत्वपूर्ण है।  क्योंकि कैबिनेट, राज्यमंत्री और स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों को दिए गए कार्य पूरी करने के लिए रूपरेखा दी गई थी।
क्या हो सकता है

जनता दल यूनाइटेड के दो कैबिनेट मंत्री पद दिया जाएगा। वाईएसआर कांग्रेस के मंत्रिमंडल में शामिल होने की इच्छा नहीं होने के बावजूद वाईएसआर-कांग्रेस को लोकसभा उपाध्यक्ष का पद दिया जा सकता है। पश्चिम बंगाल, आसाम और महाराष्ट्र को भी प्रतिनिधित्व दिए जाने की संभावना है।  उत्तर प्रदेश को अधिक प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।  केंद्रीय मंत्रिमंडल में तीन कैबिनेट मंत्री के साथ उत्तर प्रदेश के 8 मंत्री है।
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