नई दिल्ली : लिव इन रिलेशनशिप के संदर्भ में राजस्थान हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय 

नई दिल्ली, 12 जून : लिव इन रिलेशनशिप के संदर्भ में राजस्थान हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।  कोर्ट ने कहा कि कोई जोड़ी लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे है तो  उनसे होने वाले  बच्चे से लेकर आर्थिक मामले तक कई समस्याएं खड़ी हो जाती है।  एक साथ रहने वाले स्त्री और पुरुष ने इस समस्या का समाधान नहीं किया तो यह मामला कोर्ट पहुंच जाता है।

राजस्थान हाई कोर्ट में जो मामला आया था वह लिव इन में रहने वाले जोड़ियों के अंदरूनी विवाद से जुड़ा विषय नहीं था।  एक 29 वर्षीय महिला और 31 वर्षीय पुरुष ने जान की सुरक्षा और आजादी की मांग करने वाली याचिका थी।  न्यायाधीश पंकज भंडारी के बेंच के सामने इस मामले की सुनवाई हुई।
इन दोनों में एक व्यक्ति विवाहित और दूसरा व्यक्ति अविवाहित है।  कोर्ट ने कहा कि इस तरह के लिव इन रिलेशनशिप को परमिशन नहीं दी  जा सकती है।
सोमवार को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने फरीदकोर्ट के एसएसपी को  लिव इन रिलेशनशिप में एक साथ रहने  वाले जोड़ी की शिकायत दर्ज करने के निर्देश दिए थे।  यह महिला विवाहित है जबकि पुरुष अविवाहित है।
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