महंगाई के खिलाफ राष्ट्रवादी कांग्रेस का आंदोलन

संवाददाता, पिंपरी। महामारी कोरोना के संकटकाल में गैस, ईंधन के बाद अब खाद की दरों में वृद्धि कर केंद्र सरकार ने आमजनों और किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। यह आरोप लगाते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस की पिंपरी चिंचवड़ शहर इकाई की ओर से सोमवार को पिंपरी चौक स्थित डॉ बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक के पास भाजपा प्रणीत केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन किया गया।
राष्ट्रवादी काँग्रेस के शहराध्यक्ष संजोग वाघेरे पाटील के नेतृत्व में किये गए इस आंदोलन में विपक्षी दल के नेता राजू मिसाल, महिला अध्यक्षा वैशाली ताई कालभोर, कार्याध्यक्ष प्रशांत शितोले, नगरसेवक विठ्ठल उर्फ नाना काटे, मयूर कलाटे, विक्रांत लांडे, अजित गव्हाणे, युवक प्रदेश महासचिव विशाल कालभोर, विधानसभा अध्यक्ष संदीप चिंचवडे, ओबीसी सेल अध्यक्ष विजय लोखंडे, प्रदेश ओबीसी प्रभारी सचिव सचिन औटे, स्नातक सेल के शहराध्यक्ष माधव पाटील, संदीप उर्फ लाला चिंचवडे, महिला संगठक कविता खराडे, बुजुर्ग नागरिक अध्यक्ष यतीन पारेख, पिंपरी विधानसभा महिला अध्यक्ष पल्लवी पांढरे, भोसरी विधानसभा महिला अध्यक्ष मनीषा गटकळ, कामगार सेल अध्यक्ष किरण देशमुख, चिंचवड विधानसभा महिला अध्यक्ष संगीता कोकणे, सरचिटणीस अमोल भोईटे, उपाध्यक्ष अकबर मुल्ला, संतोष वाघेरे, शशिकांत निकालजे, अभिजित आल्हाट, रशीद सय्यद, निखिल दलवी, बालासाहेब पिल्लेवार, ज्योती निंबाळकर, सुनील अडागले, पोपाट पडवल आदि शामिल हुए।
संजोग वाघेरे पाटिल ने कहा कि भारत में पेट्रोल के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। गैस की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। कोरोना के संकट ने उद्योगों, व्यवसायों और व्यवसायों को प्रभावित किया है। ऐसे में केंद्र सरकार को नागरिकों को राहत देने की जरूरत है, लेकिन सरकार ईंधन और गैस की कीमतें बढ़ाकर लोगों को और परेशानी में डालने का काम कर रही है। पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये तक पहुंच गई हैं। देश की केंद्र सरकार यानी बीजेपी सरकार ने आज जनता को एक और झटका दिया है। संकट के समय भारत सरकार ने खाद के दाम बढ़ा दिए हैं। 10.26.26 में 600 रुपये की वृद्धि की गई है। डीएपी की कीमत करीब 715 रुपये बढ़ी है। डीएपी 1185 रुपये था, वह अब 1900 रुपये में मिलेगा। 10.26.26 के 50 किलो के बोरे की कीमत 1175 रुपये थी लेकिन अब इसकी कीमत 1775 रुपये होगी। पोटाश की कीमतों में भी तेजी आई है। भाजपा सरकार ने देश में उर्वरकों के दाम बढ़ाने का पाप किया है। हर हाल में इस बढ़ोतरी को कम किया जाना चाहिए। भाजपा शासित केंद्र सरकार ने ऐसे समय में उर्वरकों के दाम बढ़ाकर किसानों की कमर तोड़ दी है, जब देश में किसान पहले से ही कोरोना के संकट से जूझ रहे हैं।
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