Nashik | नासिक में बढ़ रहे डेंगू, चिकनगुणिया के मरीज, डेंगू के मरीजों की संख्या 700 के पार

स्वास्थ्य विभाग

नासिक (Nashik News) : जहां महाराष्ट्र (Maharashtra) राज्य में कोरोना वायरस की तीसरी लहर (Corona Virus Third Wave) का संभावित खतरा (Nashik) है, वहीं अब डेंगू (Dengue) और चिकनगुनिया (Chikungunya) से पीड़ित मरीजों की बढ़ती संख्या सिरदर्द बनता जा रहा है। साथ ही नासिक (Nashik) जिले में चिकनगुनिया और डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले 10 दिनों में जिले में 140 लोग डेंगू से संक्रमित हुए हैं। वहीं चिकनगुनिया के 45 मामले सामने आए।

 

नासिक (Nashik) में निजी अस्पताल इस समय भरे हुए हैं। साथ ही नासिक से बीजेपी की महिला विधायक भी डेंगू की चपेट में आ चुकी हैं। चिंता की बात यह है कि छोटे बच्चों की बीमारियों के मामले भी दोगुने हो गए हैं। जिले में डेंगू के मरीजों (Dengue Patients) की संख्या 700 से ज्यादा है जबकि चिकनगुनिया के 95 मामले मिले हैं। शहर में इन दोनों मच्छरों से होने वाली बीमारियों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसके चलते मनपा के स्वास्थ्य विभाग (Health Department) की परेशानी बढ़ गई है।

 

इस साल का आंकड़ा पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ने वाला आंकड़ा है। 1 जनवरी से 14 सितंबर के बीच डेंगू के 717 और चिकनगुनिया के 537 मामले सामने आए। अगस्त में 1362 संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच की गई थी। इसमें डेंगू के 311 मामले आए। चिकनगुनिया के 730 सैंपल की जांच की गई। इनमें से 210 मरीज मिले। अब सितंबर के पखवाड़े में मरीजों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है।

 

डेंगू बुखार को कम करने के लिए उपयोगी जड़ी-बूटियाँ

 

पपीते के पत्ते

 

myupchar के डॉ. लक्ष्मीदत्त शुक्ला (Dr. Laxmi Dutt Shukla) ने कहा कि पपीते के पत्तों का उपयोग डेंगू बुखार के प्राकृतिक उपचार के लिए किया जा सकता है। इसके पत्तों को मसल कर रस निकाल लें और फिर इसे कपड़े से छान लें। इस शुद्ध रस का सेवन करें। पोषक तत्वों (Nutrients)और कार्बनिक यौगिकों (Organic Compounds) के मिश्रण से प्लेटलेट्स की संख्या में वृद्धि होती है। विटामिन सी प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करता है और रक्त से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है।

 

नीम के पत्ते

 

डेंगू बुखार में नीम के पत्तों का रस पीने से लाभ होता है। यह रक्त प्लेटलेट्स (Blood Platelets) के साथ-साथ सफेद रक्त कोशिकाओं में वृद्धि का कारण बनता है। नीम के पत्ते का रस प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार कर सकता है।

 

मेथी के पत्ते

 

मेथी के पत्ते बुखार के साथ-साथ दर्द को भी कम करने में फायदेमंद हो सकते हैं। डेंगू बुखार के लक्षणों को कम करने के लिए मेथी का पत्ता एक लोकप्रिय उपाय हैं। इतना ही नहीं यह अच्छी नींद लेने में भी मदद करता है।

 

तुलसी की पत्तियां

 

आयुर्वेदिक चिकित्सा (Ayurvedic Medicine) में डेंगू बुखार के इलाज के लिए तुलसी के पत्तों को लंबे समय तक लेने की सलाह दी जाती है। तुलसी के पत्ते और काली मिर्च को पानी में उबालकर पीएं। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी।

 

बार्ली/जौ घास

 

बार्ली की चाय पिएं या सीधे जौ की घास खाएं। इसके सेवन से प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से बढ़ेगी।

 

 

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