Nagpur | नाबालिग लड़की के साथ सहमति से यौन संबंध बनाना भी बलात्कार, कोर्ट ने दोषी को सिखाया सबक

नागपूर : Nagpur | नाबालिग लड़की जिसे सही-गलत का बोध नहीं है, उसे तरह-तरह के प्रलोभनों की लालसा देकर आरोपी द्वारा दुष्कर्म करने के मामले में मुंबई हाईकोर्ट (Mumbai High Court) की नागपुर (Nagpur) बेंच ने एक फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी की दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए कहा कि नाबालिग लड़की के साथ सहमति से यौन संबंध (sexual relations) बनाना भी बलात्कार (rape) है। यह फैसला जस्टिस विनय जोशी ने सुनाया।
आरोपी ने बचाव के लिए पीड़िता की सहमति का मुद्दा उठाया था। आरोपी ने दावा किया था कि यह बलात्कार का अपराध साबित नहीं होता है। अदालत ने इस मुद्दे को खारिज कर दिया। फैसले में कहा गया है कि नाबालिग लड़की द्वारा यौन संबंध बनाने की सहमति का कोई कानूनी महत्व नहीं है। आरोपी की पहचान गजानन देवराव राठोड के रूप में हुई है। वह यवतमाल जिले के नेर का रहने वाला है। 2018 में, एक विशेष सत्र अदालत ने उसे एक लड़की से बलात्कार करने का दोषी ठहराया और उसे अधिकतम 10 साल के कठोर कारावास और 11,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी।

नाबालिग को प्यार के जाल में फंसाया –
जानकारी के मुताबिक, घटना के वक्त पीड़िता की उम्र महज 14 साल थी। आरोपी ने उसे प्रेम जाल में फंसाया था। फिर आरोपी ने 27 जून 2016 को उसे भगा कर उसे उसकी मौसी के घर ले गया। लड़की से शादी करने की बात कही।

मौसी ने उन्हें रहने के लिए जगह दी। इसलिए आरोपी ने लड़की के साथ दो दिन तक शारीरिक संबंध बनाए। तीसरे दिन परिजन दोनों को वापस नेर ले आए। इस दौरान किशोरी की मां ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

 

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