एन रंगास्वामी चौथी बार बने पुडुचेरी के मुख्यमंत्री, अकेले ली शपथ 

ऑनलाइन टीम. पुडुचेरी : एन रंगास्वामी केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी के चौथी बार मुख्यमंत्री बने। ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (एआईएनआरसी) के मुखिया रंगास्वामी को उपराज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन ने राजनिवास में एक सादे समारोह में मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। इससे पहले, मुख्य सचिव अश्विन कुमार ने रंगासामी को मुख्यमंत्री नियुक्त करने वाली, राष्ट्रपति की अधिसूचना को पढ़ा। यह समारोह दोपहर एक बजकर 20 मिनट पर शुरू हुआ और महज पांच मिनट तक चला।

एन रंगास्वामी पुडुचेरी की राजनीति के जाने पहचाने चेहरे हैं। इससे पहले वो तीन तीन बार पुडुचेरी के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। देखा जाए तो 2001 में पहली दफा मुख्यमंत्री बनने के बाद एन रंगास्वामी कभी जनता से दूर नहीं रहे और यही कारण है कि वह अपने प्रदेश के लोगों के लिए चहेते मुख्यमंत्री हैं।

सबसे बड़ी बात यह है कि वे देश के इकलौते ऐसे सीएम रहे हैं, जो बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के चलते थे। अब तक के राजनीतिक सफर में उन पर कोई दाग नहीं लगा। दिग्गज कांग्रेस नेता के कामराज से प्रेरित होकर राजनीति में आने वाले रंगास्वामी ने जब भी कुर्सी संभाली नागरिक कल्याण पर हमेशा जोर दिया। सादगी, जमीनी जुड़ाव और वीआईपी तामझाम से दूर रहने के कारण लोग उन्हें जूनियर कामराज बुलाते हैं।

प्रभावी समुदाय वन्नियार से ताल्लुक रखने वाले रंगस्वामी का शुरू से गरीब असहाय लोगों की मदद का सपना था। विद्यार्थी जीवन में ही राजनीति का रास्ता चुना।  शुरुआती कार्यकाल में प्रदेश के मूलभूत ढांचे और जुनसुविधाओं पर पुरजोर काम किया।  साक्षरता और महिला सशक्तिकरण जैसे मामलों में भी प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ बनाने में भूमिका निभाई। मिड-डे मील और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अच्छे क्रियांवयन के लिए भी उन्होंने तारीफ बटोरी।

एन रंगासामी ने अकेले ही शपथ ली। माना जा रहा है कि 30 विधानसभा सीटों वाले पुडुचेरी में मुख्यमंत्री समेत छह मंत्री हो सकते हैं। फिलहाल किसी ने मंत्रीपद की शपथ नहीं ली है। अगले कुछ दिन में पुडुचेरी में मंत्री शपथ ले सकते हैं। पुडुचेरी में इस बार एक उपमुख्यमंत्री बनाने की भी बात की जा रही है। ऐसा होता है तो यह पहली बार होगा जब पुडुचेरी में उपमुख्यमंत्री होगा।

बता दें कि एन रंगास्वामी की पार्टी एआईएनआरसी ने भाजपा के साथ मिलकर पुडुचेरी का चुनाव लड़ा था। जिसमें गठबंधन को बहुमत (16 सीटें) हासिल हुआ। विधानसभा चुनाव में एआईएनआरसी सबसे बड़ी पार्टी बनी है, जिसे 10 सीटों पर जीत मिली है। भाजपा को छह सीटे मिली हैं, वहीं पुडुचेरी में 6 निर्दलीय छह उम्मीदवार जीते हैं। विपक्ष में द्रमुक को छह और कांग्रेस को दो सीटों पर ही जीत हासिल हुई है।

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