Mumbai | बदला लेने के लिए महिला कांस्टेबल ने रची ‘ऐसी’ साजिश, जानकर हैरान रह गयी मुंबई पुलिस

मुंबई पुलिस

मुंबई (Mumbai News) – बदला लेने के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते। यहां तक खूंखार अपराधी तक बन जाते है। मुंबई (Mumbai) में ऐसा ही मामला सामने आया है। जहां एक महिला ने किसी से बदला लेने के लिए एक साजिश रची। फिर साजिश के चलते ही कत्ल के लिए शादी कर ली। शादी के बाद अपने पति पर कत्ल करने का दबाव बनाया। उसे पैसा देने की बात भी कही। इस पूरे मामले (Mumbai) में हैरान करने वाली बात ये है कि कत्ल कराने वाली एक पुलिसवाली है और जिसका कत्ल किया गया वो भी एक पुलिसवाला था। जब इस साजिश का खुलासा हुआ तो हर कोई दंग रह गया।

दरअसल मुंबई पुलिस (Mumbai Police) में हेड कांस्टेबल शिवाजी सानप (Head Constable Shivaji Sanap) अपनी ड्यूटी ख़त्म कर वापस पुणे (Pune) अपने घर जा रहा था। शिवाजी मुंबई पुलिस के नेहरू नगर थाने (Nehru Nagar Police Station) मे पोस्टेड था। ड्यूटी के लिए वो रोज़ाना पुणे से मुंबई आया करता था और फिर ड्यूटी ख़त्म होने के बाद पुणे लौट जाता था। पुणे से वो बस से पनवेल तक आता।  फिर पनवेल से दूसरी बस पकड़ कर वो कुर्ला पहुंचता। कुर्ला से लोकल ट्रेन के ज़रिए वो नेहरु नगर थाने पहुंचता। यही उनका रुटीन था। इसके के मुताबिक 15 अगस्त की रात भी कुर्ला स्टेशन (Kurla Station) से उतरने के बाद पनवेल के लिए बस पकड़ने वो सड़क से गुज़र रहा था। ठीक उसी रास्ते। मगर तभी एक तेज़ रफ्तार नैनो कार (Nano car) शिवाजी को सड़क किनारे ज़ोर का टक्कर मार कर आगे निकल जाती है। शिवाजी गंभीर रूप से घायल हो जाता है। बाद में पुलिस घायल शिवाजी को अस्पताल ले जाती है, जहां वो दम तोड़ देता है।

मामला बिल्कुल सीधा-साधा सड़क हादसे (Road Accident) का था। कोई शक भी नहीं कर सकता। लिहाज़ा पुलिस रोड एक्सीडेंट का केस ही दर्ज किया। हादसे की खबर पुणे में शिवाजी के घरवालों को भी लगी। परिवार मुंबई (Mumbai) पहुंचता है। लेकिन, इसके बाद शिवाजी की पत्नी और उसका साला ये शक जताते हैं कि ये मामला सड़क हादसे का नहीं, बल्कि क़त्ल का है। तभी कहानी में पहला ट्विस्ट आता है। जिस जगह शिवाजी का एक्सीडेंट हुआ था, उस जगह से कुछ ही किलोमीटर दूर एक नैनो कार जली हालत में लावारिस मिलती है। अब तक पुलिस (Police) को भी पता नहीं था कि शिवाजी का एक्सीडेंट किस कार से हुआ है। पत्नी की शिकायत पुलिस के पास पहले से ही थी।  लिहाज़ा अब पुलिस मौत की जांच करने का फैसला करती है।

जिस जगह ये हादसा हुआ था, पुलिस उसके आस-पास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू करती है। पुलिस ने नेहरु नगर पुलिस स्टेशन (Nehru Nagar Police Station) से लेकर कुर्ला स्टेशन (Kurla Station) के बाहर तक के भी सीसीटीवी (CCTV) खंगालने का फैसला किया। पुलिस ने अलग-अलग जगहों के क़रीब ढाई सौ सीसीटीवी कैमरों को खंगाल डाला।  पंद्रह अगस्त की रात शिवाजी कुर्ला रेलवे स्टेशन से बाहर निकलते हुए एक कैमरे में क़ैद हो गए। पुलिस को एक और कहानी पता चली। कहानी के मुताबिक 2019 में शीतल पनसारे नाम की एक कांस्टेबल ने शिवाजी के खिलाफ दो अलग-अलग पुलिस स्टेशन में दो रिपोर्ट लिखाई थी। ये दोनों रिपोर्ट छेड़खानी और यौन शोषण की थी। ये नई कहानी सामने आने के बाद अब पुलिस ने 2019 में झांकने का फैसला किया. तब एक नई कहानी सुनने को मिली। दरअसल, 2019 तक शिवाजी और शीतल पनसारे (Sheetal Pansare) मुंबई के नेहरु नगर पुलिस स्टेशन (Mumbai) में एक साथ काम करते थे।  शिवाजी हेड कांस्टेबल था और शीतल कांस्टेबल. दोनों के बीच में गहरे रिश्ते थे। लेकिन, फिर अचानक रिश्तों में कड़वाहट आ गई।

दोनों के बीच झगड़े होने लगे और इसी झगड़े के बाद 2019 में दो अलग-अलग थानों में शीतल ने शिवाजी के खिलाफ़ रिपोर्ट लिखा दी। ये बात शिवाजी के पत्नी और साले को भी पता थी। यही वजह है कि उन दोनों ने ये शक जताया था कि शिवाजी की मौत सड़क हादसे में नहीं हुई। बल्कि ये क़त्ल है और इस क़त्ल के लिए उन्होंने सीधे सीधे शीतल पर उंगली उठाई थी। इसके बाद पनवेल (Panvel) के बस पकड़ने सड़क पर पैदल चलते एक और सीसीटीवी कैमरे में भी उनकी तस्वीर क़ैद हो गई।

एक कैमरे में वो मंज़र भी क़ैद मिला, जिसमें शिवाजी को एक तेज़ रफ्तार नैनो कार कुचलते हुए बड़ी तेज़ी से आगे निकल गई। कैमरे की नज़र से पता चला कि नैनो में दो लोग सवार थे। पुलिस ने उनकी तस्वीरें डेवलप कीं। चेहरा पहचानने लायक बनाया। अब पुलिस के रडार पर पहली बार शीतल थी। लेकिन, सिर्फ़ रडार पर थी। सबूत कुछ नहीं था। अब पुलिस ने बड़ी खामोशी से शीतल के बारे में जानकारी इकट्ठा करनी शुरू कर दी। पुलिस ने शीतल के मोबाइल और सोशल मीडिया में भी झांकना शुरू कर दिया। शीतल के इंस्टग्राम पर उसे एक चेहरा और एक पोस्ट नज़र आया. उसका नाम धनराज जाधव (Dhanraj Jadhav) था। एक बस ड्राइवर। इंस्टाग्राम पर शीतल ने उससे दोस्ती की और दोस्ती के सिर्फ़ पांच दिन बाद ही उससे शादी कर ली. ये बात 2019 के आखिर की है।

धनराज तमिलनाडु का रहनेवाला था। शादी के सिर्फ़ एक हफ्ते बाद शीतल ने धनराज को शिवाजी की कहानी सुनाई और कहा कि वो उससे बदला लेना चाहती है। तुम एक ड्राइवर हो। अगर उसकी मौत सड़क हादसे में हो जाए, तो तुम पर कोई शक भी नहीं करेगा। मगर धनराज इस क़त्ल के लिए तैयार नहीं था। शीतल लगातार उस पर दबाव बना रही थी। इस दबाव से आजिज आकर एक रोज धनराज शीतल को छोड़ कर तमिलनाडु भाग गया। क्योंकि उसे डर था कि वो मुंबई में रहा तो पुलिसवाले होने के नाते शीतल उसे किसी भी केस में फंसा कर अंदर करवा सकती है।

शिवाजी के क़त्ल के लिए अब उसने दूसरा मोहरा चुना. जिस सोसायटी में शीतल रहती थी, उस सोसायटी के सिक्योरिटी गार्ड का एक बेटा है। 18 साल का विशाल जाधव। शीतल ने अब जाधव को अपने जाल में फंसाया। फिर एक रोज़ मौक़ा देख कर उसने उसे शिवाजी के बारे में सबकुछ बता दिया। विशाल शिवाजी को मारने के लिए तैयार हो गया। इसके लिए उसने अपने एक साथी 21 साल के गणेश चव्हान (Ganesh Chavan) को चुना। गणेश तेलंगाना से रोज़ी रोटी की तलाश में मुंबई आया था। शीतल ने विशाल और गणेश को शिवाजी को ठिकाने लगाने के लिए 70 हज़ार रुपये भी दिए।

विशाल और गणेश ने सबसे पहले शिवाजी का पीछा करना शुरू किया। उसके रुटीन को जान। फिर 15 अगस्त की रात इस साज़िश को अंजाम देने के लिए चुना।  साज़िश के तहत ठीक उसी जगह शिवाजी को टक्कर मारी गई। कोई सबूत या सुराग़ छूट ना जाए, इसलिए हादसे के बाद दोनों ने नैनो कार को कुछ किलोमीटर दूर ले जा कर आग के हवाले कर दिया। कार पूरी तरह से जल गई।  पुलिस द्वारा जांच पड़ताल  के बाद आरोपियों को गिरफ्तार (Arrest) कर लिया गया। शीतल, विशाल और गणेश तीनों पुलिस की हिरासत में हैं।

 

 

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