मुंबई HC का ठाकरे सरकार से सवाल, कहा- Lockdown के दौरान फेरीवाले की तरह ही फुटकर दुकानदारों के लिए पैकेज क्यों नहीं?

मुंबई: ऑनलाइन टीम- कोरोना की चेन को तोड़ने कए लिए राज्य में लॉकडाउन लगाते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने विविध वर्गों के लिए आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी। इसमे कोरोना संकट में राज्य के फेरीवालों के लिए जिस तरीके से सरकार ने पैकेज की घोषणा की थी। उसी तरह से फुटकर दुकनदारो के लिए कुछ पैकेज का विचार राज्य सरकार ने किया है क्या? यह सवाल मुंबई हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के सामने उपस्थित किया है। इस बीच ई-कॉमर्स वेबसाइट की ओर से अत्यावश्यक वस्तु के अलावा अन्य वस्तुओं की बिक्री जारी रख कर राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए नियमों का उल्लंघन करने का आरोप फुटकर विक्रेता संगठन ने किया है। इस पर जज ने तीव्र नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि चल क्या रहा है, इसमे प्रमुखता से ध्यान दे, इन शब्दों में राज्य सरकार के वकील को फटकार लगाई गई।

लॉकडाउन की वजह से नुकसान झेल रहे फुटकर व्यवसायी संगठन ने हाईकोर्ट में याचिका दी थी। इसमें संगठन ने खुदरा व्यवसाय करने वाले दुकानदारों को लॉकडाउन के दौरान प्रॉपर्टी टैक्स, नवीनीकरण शुल्क में छूट, लाइसेंस आदि की मांग की है। हाईकोर्ट के जज रमेश धानुका और माधव जामदार की खंडपीठ के सामने इस याचिका पर सुनवाई हुई। ऐसे में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के सामने कुछ सवाल उपस्थित किया है। आपने राज्य के फेरीवाले के लिए पैकेज की घोषणा की है लेकिन खुदरा दुकानदारों के लिए कोई उपाययोजना नहीं की। इसके लिए कोई पैकेज है क्या? यह सवाल जज धानुका ने उठाया। राज्य में बहुत से फुटकर व्यवसायी को लॉकडाउन में बहुत नुकसान हुआ है। इसलिए उन्हे सहुलियत और पैकेज मिलना चाहिए। जिससे वे आगे अपने व्यवसाय को शुरू रख सके, ऐसा याचिका में उल्लेख किया गया है। राज्य में लगभग 13 लाख से अधिक फुटकर विक्रेता हैं इसमें कुल 45 लाख कर्मचारी हैं।

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