मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंग के साथ कई बड़े अधिकारियों पर एट्रोसिटी का मामला दर्ज, राज्य पुलिस दल में खलबली

अकोला : मुंबई व ठाणे के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंग के साथ कई पुलिस अधिकारियो के खिलाफ अकोला के सिटी कोतवाली पुलिस थाने में बुधवार देर रात एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। ठाणे शहर पुलिस आयुक्त पद पर रहने के दौरान परमबीर सिंग द्वारा हजारो करोड़ का भ्रष्टाचार करने की शिकायत वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक भीमराज घाडगे ने पुलिस महासंचालक के साथ ही एंटी करप्शन ब्युरो के पुलिस महासंचालक से की थी। इसके साथ ही परमबीर सिंग के साथ कुछ बड़े पुलिस अधिकारियो द्वारा घाडगे के साथ जातिसूचक गाली गलौज करने की शिकायत घाटगे ने सिटी कोतवाली पुलिस थाने में दी। इसके अनुसार सिंग सहित कई अधिकारियों पर मामला दर्ज किया गया है। यह घटना ठाणे शहर में हुई थी इसलिए अकोला पुलिस ने इस मामले को ठाणे पुलिस के पास ट्रांसफर कर दिया।

इस एफआईआर में ठाणे शहर पुलिस दल के तत्कालीन पुलिस उपायुक्त पराग मनेरे, संजय शिंदे, सुनील भारद्वाज, सहायक पुलिस आयुक्त विजय फुलदर, वी बी कांबले. वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दिलीप सूर्यवंशी, लक्षमण तांबे, शैलेंद्र नगरकर, सहायक पुलिस निरीक्षक ए पी जम्बुरे, मरवडे, पवार, पुलिस निरीक्षक सुनील धनावडे, बापू गंगाधर रोहोम, पुलिस नाईक बाप्पु तायडे, मदन शरद दराडे, शरद पानसरे, भगवान ऊर्फ संदीप कुंडाजी कासार, निलेश अर्जुन हाँडे, धनराज गोलाराम चौधरी, सचिन महादेव राऊत, भरत बबन सातपुते, विपुल नारायण सुर्वे, उमेश हरीअन्ना शेट्टी, हरिशकुमार धीरेंद्र ठक्कर, मंगेश शरद कुलकर्णी, संतोष पंडित पाटिल, नंदु सर्जेराव फर्डे, श्रीपती रचना माहर, सुयोग श्रीधर पाटिल, एम. के सोनावणे, गोदुमल नारायणदास किशनानी पर एफआईआर दर्ज किया गया है।

तत्कालीन गृहमंत्री अनिल देशमुख पर सचिन वाझे को 100 करोड़ रुपये वसूली का टार्गेट देने का आरोप लगाने के बाद परमबीर सिंग के खिलाफ कई पुलिस अधिकारियो ने शिकायत करने की शुरुआत की। इस्मेन से उनके खिलाफ यह पहला मामला दर्ज किया गया है।

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