Mumbai | आखिरकार राज ठाकरे का यह ‘मुद्दा’ भाया और मुख्यमंत्री ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश

मुंबई : Mumbai | मुंबई के साकीनाका इलाके में निर्भया कांड के बाद एक बार फिर महिला सुरक्षा (women safety) का मुद्दा सामने आया ( Mumbai) है। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray ) ने महिला सुरक्षा उपायों पर समीक्षा बैठक की। इस मौके पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अधिकारियों को अहम निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों से पता चलता है कि मुख्यमंत्री ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे (Raj Thackeray) द्वारा बार-बार की जाने वाली मांगों को मान लिया हैं।

मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे अपने भाषणों, जनसभाओं और प्रेस कांफ्रेंस में बार-बार दूसरे राज्य के लोगों का मुद्दा उठा रहे थे। अक्सर यह मांग ( Mumbai) की जाती थी कि सरकार और पुलिस को परप्रांतीय नागरिकों के पंजीकरण के संबंध में जानकारी होनी चाहिए कि किस राज्य से और कब आए। आखिर ऐसा लग रहा है कि मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर राजी हो गए हैं। इसी के अनुसार मुख्यमंत्री ने अहम निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के उपायों को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देखा गया है कि अपराध में रिक्शा का इस्तेमाल किया गया था। रिक्शा के अनधिकृत हस्तांतरण को रोका जाना चाहिए। पंजीकरण के समय, संबंधित लाइसेंसधारी को स्थानीय पुलिस को सूचित करना आवश्यक है। दूसरे राज्यों से आने वालों को पंजीकरण करना होगा। वे कहाँ से आते हैं और कहाँ जाते हैं इसकी जानकारी रखनी होगी।

 

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निर्देश

यह देखा गया कि अपराध में रिक्शा का इस्तेमाल किया गया था। रिक्शा के अनधिकृत हस्तांतरण को रोका जाना चाहिए। पंजीकरण के समय, संबंधित लाइसेंसधारी को स्थानीय पुलिस को सूचित करना आवश्यक है।

दूसरे राज्यों से आने वालों को पंजीकरण करना होगा। वे कहाँ से आते हैं और कहाँ जाते हैं इसकी जानकारी रखनी होगी।

अदालतों से फैसला जल्दी आता है। लेकिन सजा के निष्पादन और आगे की अदालती कार्यवाही में सुधार के प्रयास किए जाने चाहिए।

नीति आयोग की बैठक आज (मंगलवार) को फास्ट ट्रैक अदालतों के कामकाज में नीतिगत सुधार करने की कोशिश हो।

इस संबंध में शक्ति अधिनियम में संशोधन पर भी जोर दिया जाएगा।

महिला पुलिस को पीड़ित महिलाओं से संवाद करना चाहिए और आत्मविश्वास से बात करनी चाहिए। उनकी छोटी-छोटी शिकायतों को भी नजरअंदाज न करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में महिला सुरक्षा को लेकर नीति के तौर पर क्या किया जा सकता है, इस पर विचार करना होगा। बेघर, फुटपाथ, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड जैसी जगहों पर आश्रय लेने वाली महिलाओं के लिए कम से कम रैन बसेरा उपलब्ध कराया जा सकता है या नहीं, इसका पता लगाने के लिए केंद्र के सहयोग से प्रयास करने होंगे। सुरक्षा की बड़ी जिम्मेदारी पुलिस की होती है। लेकिन सुविधाओं की कमी से बचने के लिए बुनियादी बातों को नीति के रूप में संबोधित करने की आवश्यकता है। कई मामलों में मांग है कि जांच केंद्र सरकार को सौंपी जाए। हमने ऐसे कई मामलों की गहनता से जांच की है। मेहनत से सबूत जुटाए जाते हैं। इसलिए इस तरह की प्रतिक्रिया से पुलिस का नीतिधैर्य और मनोबल गिरता है। जन जागरूकता और आत्मरक्षा का पाठ पढ़ाने के लिए मिशन मोड पर प्रयास किए जाएंगे। लेकिन महिलाओं पर अत्याचार के दोषियों को चेतावनी और सजा देनी होगी। इसके लिए पुलिस के सभी प्रयासों में सरकार का सहयोग मिलेगा।

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