Mulshi Water Dam | मुलशी डैम परिसर में बादल फटा, ताम्हीनी घाट में 24 घंटे में 468 मिमी बारिश

 

मुलशी, 22 जुलाई : (Mulshi Water Dam ) पंद्रह दिनों तक गायब रहने के बाद फिर से सक्रिय हुई मानसून (Monsoon ) के कुछ क्षेत्रों में जमकर कहर बरपाने की तस्वीरें सामने आ रही है. मुलशी डैम (Mulshi Water Dam ) के वाटर कांचोन्मेंट क्षेत्र में बुधवार को बादल फटने (Cloud Burst) जैसी बारिश हुई। ताम्हीनी परिसर में 24 घंटे में 468 मिमी बारिश दर्ज की गई।   पिछले कई दिनों से शहर में 468 मिमी बारिश होने के बावजूद डैम के कांचोन्मेंट एरिया में कम बारिश हुई है।  लेकिन यह बारिश कांचोन्मेंट एरिया में होने की वजह से डैम का जल स्तर बढ़ गया है।

ऐतिहासिक जमाव

पिछले 24 घंटे में डैम परिसर में 468 मिमी बारिश होने से ऐतिहासिक 73 मिलियन घनमीटर पानी जमा हुआ है।  डैम के जलाशयों का स्तर 7 फ़ीट तक बढ़ गया है।  24 घंटे में हुई यह ऐतिहासिक बारिश है।

रिकॉर्ड बारिश

ताम्हीनी परिसर में बुधवार को हुई बारिश ऐतिहासिक साबित हुई है।  26 जुलाई 2005 के बाद यह सबसे भारी बारिश दर्ज की गई है।  ताम्हीनी घाट में हुई 24 घंटों की बारिश ने पिछले 15 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

प्रकृति का बैलेंस बिगड़ेगा
कुछ दिनों पहले चीन में भी एक दिन वर्ष की दो तिहाई बारिश दर्ज की गई थी।  यह प्रकृति का संतुलन बिगड़ने का लक्षण है।  यह जानकारी मौसम विशेषज्ञ होसालीकर ने दी  थी।  चीन और भारत पडोसी देश होने की वजह से मौसम के बदलने का असर भारत में भी होने की आशंका है।  कभी बारिश का गायब हो जाना तो कभी एक ही दिन में रिकॉर्ड बारिश होना, इस तरह की घटना आने वाले समय में हो सकती  है।
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