किसानों से मिलने पहुंचे 8 दलों के सांसद, लेकिन पुलिस ने बॉर्डर से ही बैरंग लौटाया

नई दिल्ली. ऑनलाइन टीम : कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों से मिलने पहुंचे 8 विपक्षी दलों के नेताओं को दिल्ली पुलिस  ने गाजीपुर बॉर्डर पर ही रोक दिया। आखिरकार उन्हें वापस लौटना पड़ा। प्रदर्शनकारी किसानों से मिलने जा रहे 15 सांसदों के समूह में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) , द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और तृणमूल कांग्रेस समेत अन्य दलों के सांसद शामिल थे।

शिअद नेता हरसिमरत कौर बादल ने बताया कि नेताओं को अवरोधकों को पार करने और प्रदर्शन स्थल पर जाने की अनुमति नहीं दी गई। हरिसमरत के अलावा राकांपा सांसद सुप्रिया सुले, द्रमुक से कनिमोई और तिरुचि शिवा, तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय इस समूह का का हिस्सा थे। नेशनल कॉन्फ्रेंस, रेव्ल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) और इंडिनय यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के सदस्य भी इसमें शामिल थे। पुलिस उन्हें दूसरे स्थान पर ले गई है। इस कदम से बिफरे विपक्षी दलों ने कहा कि वह इस मुद्दे पर लोकसभा स्पीकर को रिपोर्ट देंगे। एसपी प्रवक्ता ने राजीव राय ने कहा कि ये दुर्भाग्य है कि विदेशी सांसदों को तो कश्मीर ले जाते हैं, लेकिन देश के सांसदों को किसानों से नहीं मिलने दिया जा रहा है।

इस बीच, अचानक गुरुवार को पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर पर लगी कीलों को  हटाना शुरू कर दिया है। बताया गया कि ये कीलें मुड़ गई हैं और पुरानी हो गई हैं, इसलिए इन्हें हटाया जा रहा है। हालांकि यह भी बताया कि  फिर से नई कीलें लगाने का कोई फैसला नहीं लिया गया है। इसे लेकर अब चर्चा होने लगी है कि सरकार शायद किसानों के प्रति अब नरम रूख अख्तियार कर रही है।

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