MP Bhavana Gawali | भावना गवली से जान का खतरा, शिवसेना नेता के आरोपों से मची सनसनी

सांसद भावना गवळी

नागपुर (Nagpur News) – राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) की सांसद भावना गवळी (MP Bhavana Gawali) ने गुमराह किया। उनसे (MP Bhavana Gawali) मेरे जान को खतरा है। ऐसा आरोप शिवसेना (Shiv sena) के पूर्व उपजिला प्रमुख हरीश सारडा (Harish Sarda) ने लगाया है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस (Nationalist Congress) के प्रमुख शरद पवार की सांसद भावना गवळी से मिलने के बाद सारडा ने नागपुर (Nagpur) में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा- मुझ पर पहले भी दो बार हमला हो चुका है। धमकी दी जा रही है। पुलिस (Police) ने शुरू में सुरक्षा मुहैया कराई और बाद में वापस ले ली। पुलिस उपाधीक्षक ने मोबाइल को जब्त कर लिया। अॅट्रॉसिटी का मामला दर्ज किया गया। गवली ने वाशिम जिले के रिसोड में 100 करोड़ रुपये की श्री बालाजी को-ऑपरेटिव पार्टिकल बोर्ड फैक्ट्री (Shree Balaji Co-Operative Particle Board Factory) को 25 लाख रुपये में खरीदा। लेन-देन उनके निजी सचिव की भावना, एग्रो प्रोडक्ट्स एंड सर्विसेज के नाम पर हुआ। घोटाले का खुलासा होने के बाद से धमकी भरे फोन आ रहे हैं। पुलिस में शिकायत करने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस ने सांसदों का पक्ष लिया है। सारडा ने कहा कि उनकी जान को खतरा है।

पवार ने गवली का पक्ष नहीं लिया। ईडी (ED) की कार्रवाई की झूठी जानकारी देकर गवली ने पवार को गुमराह किया। गवली में 12 संस्थान और 7 कंपनियां हैं। 3 कंपनियों के निदेशक हैं। उन्होंने यह जानकारी छिपाई। उन्हें सरकार या पार्टी का कोई समर्थन नहीं है। उन्होंने बड़े नेताओं का समर्थन हासिल करने की कोशिश की। सारडा (Harish Sarda) ने यह भी मांग की कि गवली शिवसैनिकों के साथ-साथ निर्वाचन क्षेत्र और राज्य के लोगों से राज्य के एक वरिष्ठ नेता को गुमराह करने के लिए माफी मांगें।

गवली ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) और सहकारिता मंत्री बालासाहेब पाटिल (Balasaheb Patil) को भी गुमराह किया। पाटिल को झूठा पत्र देने के बाद जांच बंद कर दी गई थी। हाईकोर्ट (High Court) की याचिका में पाटिल भी पक्षकार होंगे। सारडा ने गवली को चुनौती दी कि अगर वह आरोप साबित कर देते हैं तो वह महाराष्ट्र (Maharashtra) छोड़ दें, नहीं तो वह सांसद पद से इस्तीफा दे देंगे। सांसद के कहने पर मुझ पर आरोप लगाया गया। नहीं तो पांच मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से अत्याचार एक झूठा अपराध है और चार अपराध आईटी से संबंधित हैं। हरीश ने यह भी दावा किया कि इस साल से पहले कोई अपराध नहीं हुआ था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिवसेना नहीं छोड़े है।

 

 

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