Monsoon Update: ‘इस’ कारण से महाराष्ट्र में हो रही मूसलाधार बारिश, विशेषज्ञ का महत्वपूर्ण खुलासा

मुंबई : ऑनलाइन टीम- पिछले तीन दिनों से मुंबई, ठाणे, कोल्हापुर, सिंधुदुर्ग, रायगढ़ और रत्नागिरी जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई है। महाराष्ट्र में 5 जून को मानसून की शुरुआत के बाद से कई जगहों पर भारी बारिश हो चुकी है। कोंकण में, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिले मानसून की वजह से डूब गए हैं। मुंबई, ठाणे और पालघर जिलों में भी भारी बारिश दर्ज की गई है। इस बीच मौसम विशेषज्ञों ने कहा है कि राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश बढ़ गई है।

भारतीय मौसम विभाग के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक केएस होसालीकर ने हाल ही में मानसून की बारिश में हुए कई बदलावों पर प्रकाश डाला है। साथ ही, राज्य में अतिरिक्त वर्षा क्यों बढ़ी है? इसका जवाब भी उन्होंने दिया है। दरअसल, इस समय अरब सागर में एक कम दबाव की पट्टी बन रही है। इसके चलते पिछले तीन दिनों के दौरान मुंबई, ठाणे, कोल्हापुर, सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी और रायगढ़ में भारी बारिश हुई। कहीं-कहीं भारी बारिश हुई। होसालीकर ने यह भी बताया कि कुछ दिनों पहले बंगाल की खाड़ी में कम दबाव की पेट्टी बनने के कारण कोंकण में भारी बारिश हुई थी।

हर साल का मानसून पिछले मानसून से कुछ अलग होता है। इसमें कई छोटे-बड़े बदलाव होते हैं। हर साल जून में ज्यादा बारिश नहीं होती है। हालांकि इस साल राज्य में कई जगहों पर मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। होसालीकर ने राज्य में बारिश के संतुलन की जानकारी देते हुए कहा कि अगर अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में कोई बदलाव होता है तो राज्य में बारिश होगी। अरब सागर की शाखा के सक्रिय होने पर मध्य महाराष्ट्र और कोंकण में वर्षा होती है। बंगाल की खाड़ी की शाखा सक्रिय होने पर विदर्भ में वर्षा होती है। अरब सागर में पश्चिम से हवा की गति बढ़ने के साथ ही आर्द्रता बढ़ जाती है। इससे मानसून सक्रिय हो जाता है।

इस समय राज्य के कई स्थानों पर अच्छी बारिश हो रही है, लेकिन कई जगहों पर मूसलाधार बारिश भी हुई है। अधिक वर्षा का मुख्य कारण जलवायु में भारी परिवर्तन है, लेकिन मूसलाधार वर्षा और हल्की से मध्यम वर्षा की दर क्यों घट रही है? वास्तव में इस परिवर्तन का कारण क्या है? होसालीकर ने यह भी बताया कि इस पर विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है।

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