मोदी सरकार का केंद्र कर्मचारियों को बड़ा तोहफा! ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ का आदेश जारी

– 10 लाख अनियमित कर्मचारियों को होगा लाभ

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नई दिल्ली : समाचार ऑनलाइन- मोदी सरकार अपने अंतर्गत आने वाले अलग-अलग विभागों में काम करने वाले दस लाख अनियमित (कैजुअल) कर्मचारियों को बड़ा तोहफा देने जा रहे है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन सभी को अब नियमित कर्मचारियों के बराबर वेतन मिलेगा। प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने बुधवार को इस संदर्भ में आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार, अब सभी अनियमित कर्मचारियों को आठ घंटे काम करने पर उसी पद पर काम करने वाले नियमित कर्मचारियों के वेतनमान के न्यूनतम मूल वेतन और महंगाई भत्ते के बराबर ही भुगतान होगा। वे जितने दिन काम करेंगे, उन्हें उतने दिनों का भुगतान होगा।

मौजूदा समय में इन कर्मचारियों को संबंधित राज्य सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन मिल रहा था। दिल्ली सरकार ने अकुशल श्रमिकों के लिए 14,000 रुपये महीने का वेतन तय किया है, लेकिन इस आदेश के बाद उन्हें ग्रुप डी के वेतनमान में न्यूनतम वेतन यानी 30,000 रुपये महीने की दर से भुगतान होगा। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी अनियमित कर्मचारी का काम नियमित कर्मचारी के काम से अलग है तो उसे राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन के आधार पर ही भुगतान किया जाएगा। सभी मंत्रालयों और विभागों को भेजा डीओपीटी का यह आदेश ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ के आधार पर दिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आया है।

हालांकि सबसे बड़ी ट्रेड यूनियन भारतीय मजदूर संघ के पूर्व अध्यक्ष बैजनाथ राय का कहना है कि आदेश को लागू करा पाना सबसे बड़ी चुनौती है। क्योंकि अब सरकार ने ग्रुप सी और डी की अधिकतर नौकरियां निजी ठेकेदारों को आउटसोर्स कर दी हैं। बता दें कि उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के कई आदेश पहले भी जारी हुए लेकिन लागू नहीं किए गए। वहीं सीटू नेता तपन रॉय का कहना है कि यह केवल केंद्रीय कर्मचारियों के लिए है, इसीलिए डीओपीटी द्वारा जारी किया गया है। यदि श्रम मंत्रालय ने जारी किया होता तो सभी कर्मचारियों के लिए होता।

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