चलती कार में  दुष्कर्म,  नौकरी दिलाने का दिया था झांसा  

ग्वालियर. ऑनलाइन टीम : महिलाओं के साथ दुष्कर्म की कुत्सित मानसिकता खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। निर्भया कांड के बाद नए कानून में बलात्कार की कड़ी परिभाषा दी गई है, किन्तु क्या इससे महिलाओं के साथ बलात्कार की घटनाओं में कमी आई है और अब सरकार ने एक अध्यादेश जारी कर 11 वर्ष तक की बच्चियों के साथ बलात्कार के लिए मृत्युदंड का प्रावधान किया है। किन्तु इस प्रश्न का उत्तर फिर भी नहीं मिला कि महिलाओं को पुरुषों की यौनेच्छा या उनके अहंकार को संतुष्ट करने की वस्तु क्यों माना जाता है?

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में फिर एक महिला शर्मसार हुई है। चलती कार में उसके साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है।   कुलैथ में रहने वाली महिला ने मुरैना निवासी रामबाबू गुर्जर पर चलती कार में दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि नौकरी दिलाने का झांसा देकर आरोपित ने उसे बहोड़ापुर से अपनी कार में बिठाया था। थोड़ी देर बाद रामबाबू नामक वह व्यक्ति मेरे साथ छेड़छाड़ करने लगा। विरोध करने पर नौकरी नहीं दिलाने की धमकी दी। फिर वह आपा खो बैठा और चलती कार में ही जबर्दस्ती दुष्कर्म किया। ड्राइवर ने भी कार को नहीं रोका और उसने गलत काम में सहयोग किया।

महिला ने इंदरगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। दुष्कर्म का मामला दर्ज कर आरोपी रामबाबू गुर्जर और उसके ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है।  इन घटनाओं से साफ है कि हमारे देश में आज महिलाएं और युवतियां असुरक्षित वातावरण में रह रही हैं जहां पर उन्हें सैक्स की वस्तु या पुरुष की पाशविक यौन प्रवृत्तियों को शांत करने की वस्तु के रूप में देखा जाता है। यौन उत्पीडऩ की शिकार अनेक महिलाएं चुप रहती हैं क्योंकि वे डर जाती हैं और यही डर उनके खिलाफ इस तरह की घटनाओं में वृद्धि करती जाती है।

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