आरटीआई कार्यकर्ता रविंद्र बऱ्हाटे व उसके साथियों के खिलाफ मकोका

हड़पसर पुलिस के बाद चतुःश्रृंगी पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई
पुणे। आरटीआई कार्यकर्ता रविंद्र बऱ्हाटे और उसके साथियों के खिलाफ पुणे की हड़पसर पुलिस के बाद अब चतुःश्रृंगी पुलिस ने मकोका यानी महाराष्ट्र संगठित अपराध प्रतिबंध कानून के तहत कार्रवाई की है। पर्वती में जमीन हड़पने के लिहाज से एक बुजुर्ग महिला और उसके परिवार को जान से मारने और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देने को लेकर बऱ्हाटे और उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
रविंद्र लक्ष्मण बऱ्हाटे (निवासी लुल्लानगर, बिबवेवाडी व धनकवडी, पुणे), निष्कासित पुकिसकर्मी शैलेश हरीभाऊ जगताप, परवेज शब्बीर जमादार (दोनों निवासी सोमवार पेठ पुलिस लाइन, पुणे), पत्रकार देवेंद्र फुलचंद जैन (निवासी प्रियदर्शनी सोसायटी, सिंहगड रोड, पुणे), प्रशांत पुरूषोत्तम जोशी (निवासी कृष्णलीला हाउसिंग सोसायटी, कोथरुड, पुणे), प्रकाश रघुनाथ फाले (निवासी हिरकणी सोसायटी, जुनी सांगवी), विशाल गजानन तोत्रे (निवासी शिवाजीनगर, पुणे), पत्रकार संजय प्रल्हाद भोकरे (निवासी धनंजय सोसायटी, कोथरुड, पुणे) और उनके अन्य साथियों के खिलाफ मकोका की कार्रवाई की गई है।
इस बारे में पाषाण की रहवासी 68 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने शिकायत दर्ज कराई है। महिला की पर्वती के सहकारनगर में चार एकड से अधिक जमीन है। यह जमीन ऋषिकेश बारटक्के को बेचना तय किया गया था। आरोपियों ने इस जमीन को लेकर राजस्व विभाग में आपत्ति जताई औऱ इस बारे में एक संवाददाता सम्मेलन के जरिये महिला को बदनाम किया। साथ ही उसके घर पर कुछ लोग भेजकर महिला और उसके परिवार को झूठे मामले में फंसाकर जेल में सड़ाने की धमकी दी। इस बारे में मामला दर्ज करने के बाद चतुःश्रृंगी पुलिस ने छानबीन में पाया कि बऱ्हाटे और उसके साथी संगठित रूप से इस तरह की वारदातों में लिप्त है। इसके चलते उनके खिलाफ मकोका की कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार किया गया जिसे पूर्व प्रादेशिक विभाग के अप्पर पुलिस आयुक्त मच्छिंद्र चव्हाण ने मंजूरी दी है।
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