Makar Sankranti : जानें इस साल कब मनाया जा रहा है मकर संक्रांति, 14 या 15 जनवरी?, शुभ मुहूर्त

मुंबई : समाचार ऑनलाइन –मकर संक्रांति हिन्दू धर्म का प्रमुख पर्व है। धार्मिक ग्रंथों में सूर्य के गोचर को संक्रांति कहा जाता है। इस दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तराय़ण होते हैं। सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इस साल ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार सूर्य की मकर राशि में संक्रांति 15 जनवरी, बुधवार को सुबह 7:54 बजे होगी। इसलिए इसी दिन मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाएगा। यह त्योहार देश भर में मनाया जाता है। हर राज्य में इसे अलग नाम और अलग परंपरा के साथ मनाया जाता है।

तमिलनाडु में इसे थाईं पोंगल तो गुजरात में मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ाने की परंपरा है। राजस्थान में महिलाएं इस दिन विवाहित महिलाओं को सुहाग का सामान देती हैं इसके साथ ही तिल पट्टी, गजक, लड्डू भीदी जाती हैं। यही नहीं इस दिन श्रद्धालू गंगा, यमुना, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी आदि पवित्र नदियों में स्नान करते हैं। कहते हैं इस दिन स्नान का कई गुणा ज्यादा फल मिलता है। इस दिन तिल के लड्डू, गजक, रेवड़ी मूंगफली और गर्म कपड़ों का दान किया जाता है।

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस बार सूर्य, मकर राशि में 14 जनवरी की रात 02:07 बजे प्रवेश करेगा। इसलिए संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जाएगी। शास्त्रों में कहा गया है कि इस समय किए जप और दान का फल अनंत गुना होता है।

मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त –
मकर संक्रांति 2020- 15 जनवरी
संक्रांति काल – 07:19 बजे (15 जनवरी)
पुण्यकाल -07:19 से 12:31 बजे तक
महापुण्य काल – 07:19 से 09: 03 बजे तक
संक्रांति स्नान – प्रात: काल, 15 जनवरी 2020

मकर संक्रांति ये काम जरूर करें –
– तड़के स्नान करें और सूर्य को अर्घ्य दें।
– श्रीमदभागवद के एक अध्याय का पाठ या गीता का पाठ करें।
– नए अन्न, कम्बल और घी का दान करें।
– भोजन में नए अन्न की खिचड़ी बनायें।
– भोजन भगवान को समर्पित करके प्रसाद रूप से ग्रहण करें।
– लाल फूल और अक्षत डाल कर सूर्य को अर्घ्य दें।
– सूर्य के बीज मंत्र का जाप करें।
– मंत्र होगा – “ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः” |
– लाल वस्त्र, ताम्बे के बर्तन तथा गेंहू का दान करें।
– संध्या काल में अन्न का सेवन न करें।
– सूर्य देव को तिल के दाने डालकर जल अर्पित करें।

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