महाराष्ट्र : क्या भाजपा-शिवसेना फिर से आएंगे साथ? सुधीर मुनगंटीवार ने समझाया मौजूदा समय की राजनीति

मुंबई : ऑनलाइन टीम – महाराष्ट्र की सियासत में जल्द ही बड़ा भूकंप आने की संभावना है। दरअसल कांग्रेस ने जब से आत्मनिर्भरता का नारा दिया है तब से कइयों के भौंहें चढ़ा गयी है। इस बीच शिवसेना और एनसीपी ने कांग्रेस को चेतावनी दी है कि ‘अगर तुम आओ तो तुम्हारे साथ, वरना तुम्हारे बिना’। जिसके बाद अब महा विकास आघाड़ी की सरकार की चर्चा शुरू हो गयी। लोगों के मन में ये सवाल उठ रहे है कि यह सरकार क्या जल्द गिर जाएगी।

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, अब उस दिशा में एक कदम उठाया गया है। राज्य में गठबंधन सरकार की स्थापना के लिए आंदोलन शुरू हो गया है। कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। यह दौरा राज्य में आरक्षण और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर था। उनके साथ उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और अशोक चव्हाण भी थे। हालांकि नरेंद्र मोदी और उद्धव ठाकरे के बीच बंद कमरे में हुई मुलाकात इस मुलाकात से ज्यादा रंगीन रही। सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा शुरू हो गई थी कि क्या महाराष्ट्र की सियासत में कुछ बड़ा होगा। ऐसे में समझा जाता है कि पिछले पांच-सात दिनों में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के बीच 40 मिनट तक फोन पर बातचीत हुई। चर्चा के दौरान, मोदी ने उद्धव ठाकरे को भाजपा को सत्ता में लाने का प्रस्ताव दिया।

राज्य में मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने हमेशा भविष्यवाणी की है कि यह सरकार लंबे समय तक नहीं चलेगी। बीजेपी नेता सुधीर मुनगंटीवार ने भी सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर कमेंट किया है। राजनीति की चर्चा हो रही है, मैं अपने अनुभव से एक बात कहना चाहूंगा, अगर चर्चा होती है, तो चर्चा से कुछ नहीं निकलता। अगर ऐसा होना ही था, तो यह गुप्त रूप से किया गया था, बिना कोई जानकारी सामने आए। मुझे नहीं लगता कि आज के माहौल में बीजेपी-शिवसेना साथ आएंगे।

बीजेपी-शिवसेना पिछले 30 सालों से गठबंधन में हैं। यह गठबंधन हिंदुत्व और देशभक्ति के धागे को थामे हुए था। मैं एक पार्टी का जूनियर एक्टिविस्ट हूं, जो सीनियर्स चर्चा करते हैं वह हम तक नहीं पहुंच सकता। लेकिन, मौजूदा माहौल को देखते हुए, मुझे नहीं लगता कि इस चर्चा को गंभीरता से लिया जाना चाहिए, ऐसा सुधीर मुनगंटीवार ने कहा।

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