महाराष्ट्र : भीड़ जुटाने वाले और ताकत दिखाने वाले नहीं; बल्कि समाज के स्वास्थ्य का ध्यान रखने वाले सच्चे नेता : उद्धव ठाकरे 

मुंबई, 26 जून : कोरोना की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए। मांग है ये मानते है लेकिन जब सरकार आपकी सुन रही है तो संघर्ष किसलिए ? मौजूदा समय में बड़ी संख्या में समाज को सड़क पर उतरना और न्याय हक के लिए लड़ना है तो घर जाते हुए जो संकट है वह संकट घर पहुंचाना यह नेतृत्व का लक्षण नहीं है।  इस तरह के तीखे शब्दों में राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भाजपा के आज के आंदोलन पर निशाना साधा है।

कोल्हापुर में सारथी उपकेंद्र का शुभारंभ आज मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, मंत्री हसन मुश्रीफ, शाहू छत्रपति, आशिक चव्हाण की उपस्थिति में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सम्पन्न हुआ।  इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कोरोना काल में मराठा समाज दवारा दिखाए गए संयम को लेकर भाजपा सांसद संभाजीराजे छत्रपति की प्रशंसा की।  उन्होंने भाजपा सांसद की प्रशंसा करते हुए बिना नाम लिए भाजपा नेताओं पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि कोरोना का संकट केवल महाराष्ट्र में नहीं दुनियाभर में है।  आरक्षण का मुद्दा सामने है यह मानते है. लेकिन संघर्ष के लिए सड़क पर उतरना, न्याय हक के लिए भीड़ जुटाना और जो संकट है वह संकट घर-घर पहुंचाना यह किसी नेतृत्व का लक्षण नहीं है।  सच्चा नेता वह है जो समाज की हर तरह से रक्षा करता है. आर्थिक आरक्षण, राजनीतिक आरक्षण, नौकरी में आरक्षण जिस तरह से न्याय हक है उसी तरह से समाज के  स्वास्थ्य की चिंता करने वाला नेता भी चाहिए।  भीड़ करके ताकत दिखाने के बाद संक्रमण फैलता है तो यह सही नहीं होगा।  ऐसे में संघर्ष कब करना है और संवाद कब करनी है जिन्हे समझ आता है वही सच्चा नेता है।
मराठा आरक्षण के मुद्दे पर समाज को सड़क पर न उतारकर समझदारी से समाज को शांत रहने की अपील करने पर मुख्यमंत्री ने संभाजीराजे के प्रति आभार जताया।
उन्होंने कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर मराठा समाज को लगेगा तो वह कुछ भी कर सकते  है।  आरक्षण पाने के लिए हमें कुछ क़ानूनी अड़चनों को पार करना है।  हमे क़ानूनी लड़ाई छोड़ी नहीं है।  हम समझदारी से समाज को दिशा दिखाएंगे। मराठा समाज के लिए जो कुछ भी कर सकते है वह सब कुछ सरकार की तरफ से किया जाएगा।  सरकार किसी भी तरह से पीछे नहीं रहेगी। यह वचन मैं आपको देता हूं।
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