महाराष्ट्र में मई अंत तक बढ़ सकता है लॉकडाउन, कल सरकार ले सकती है फैसला 

ऑनलाइन टीम. मुंबई : महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए लॉकडाउनकी अवधि बढ़ाए जाने के कयाल लगाए जा रहे हैं। राजनीतिक गलियारों से इसकी सुगबुगाहट तेज हो गई है। चूंकि जारी लॉकडाउन की अवधि खत्म होने में कुछ ही दिन शेष हैं, इसलिए सरकार फिर फैसला लेने के मूड में है। सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार 15 मई को सुबह 7 बजे समाप्त होने के बाद अपने वर्तमान लॉकडाउन को दो सप्ताह तक बढ़ाने के लिए तैयार है। बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल में इसके फैसला होने की उम्मीद है। सख्ती में कोई ढील नहीं दिए जाने के संकेत मिल रहे हैं।

सरकार मानकर चल रही है कि अभी भी कुछ जिलों में मामले लगातार बढ़ रहे हैं। 21 जिलों में कोरोना की खतरनाक स्थिति अभी कायम है, इसलिए लॉकडाउन बढ़ाए जाने की विवशता झलक रही है। दूसरी लहर में महाराष्ट्र देश का सबसे प्रभावित राज्य है। सोमवार को कोरोना के 37,236 नए मामले सामने आए और इस दौरान 549 लोगों की मौत हो गई। हालांकि इस दौरान 61,607 मरीज कोरोना को मात देने में भी सफल रहे हैं।

एक अधिकारी ने कहा, मामलों को नीचे लाने के लिए हमें अभी भी कड़े से कड़े कदम उठाने होंगे। आधे से अधिक जिले अभी भी दैनिक मामलों में वृद्धि दर्ज कर रहे हैं। इस परिस्थिति में, लॉकडाउन कम से कम दो और हफ्तों तक चालू रहेगा। राहत की बात है कि पिछले कुछ हफ्तों में मामलों की गति स्थिर है, पर यह अभी भी 55,000 से अधिक के औसत पर है, जो पहली लहर के शिखर की तुलना में बहुत अधिक है। पिछले साल 11 सितंबर को उच्चतम दैनिक शिखर 24,886 मामले थे।

लॉकडाउन बढ़ाने के पीछे ब्लैक फंगस (म्युकर माइकोसिस) के बढ़ते मामले भी हैं। राज्य सरकार इसे लेकर परेशान है। फंगस भी कोविड मरीजों पर हावी हे रहे हैं। महाराष्ट्र में इससे कई मौतें हो चुकी हैं। जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र के पुणे समेत राज्य के अन्य हिस्सों में हर दिन औसतन दो या तीन मरीज म्यूकरमायकोसिस के सामने आ रहे हैं, जबकि कोरोना की पहली लहर में ऐसे मामले न के बराबर रहे थे। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि म्यूकोरमाइकोसिस के मरीजों का इलाज राज्य सरकार की प्रमुख चिकित्सा बीमा योजना के तहत मुफ्त में किया जाएगा।

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