बिहार में 25 मई तक लॉकडाउन बढ़ाया गया, ब्लैक फंगस ने भी दी दस्तक 

ऑनलाइन टीम.पटना : कोरोना की दूसरी लहर के बीच हाईकोर्ट की फटकार के बिहार सरकार ने 5 मई से लॉकडाउन लगाया था। इसकी मियाद 15 मई यानि परसों तक थी। अब सरकार ने इसे बढ़ाने का फैसला ले लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने ट्वीट में बताया है कि बिहार में 25 मई तक लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है। इस बार लॉकडाउन में कुछ नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब शादी समारोह में सिर्फ 20 लोग ही शामिल हो सकेंगे। वहीं शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में दुकान खोलने के समय में भी बदलवा किया गया है। शहरी क्षेत्र में सब्ज़ी, अंडे, मांस, मछली की दुकानें 10 तक ही खुलेंगी। वहीं ग्रामीण इलाकों में दुकानें 12 बजे तक खुलेंगी। ग्रामीण क्षेत्र में सुबह 8 बजे से 12 बजे तक दुकान खुलेगी। बाकी सभी पाबंदियां पहले की तरह लागू रहेंगी।

सरकार का मानना है कि बिहार में कोरोना की बेकाबू रफ्तार को थामने में लॉकडाउन काफी हद तक मददगार साबित हुआ है। लॉकडाउन के बाद नए संक्रमितों की तादाद घटी है। संक्रमण दर घटने के साथ ही रिकवरी दर बढ़ी है। कई हफ्तों के बाद बुधवार को नए संक्रमितों का आंकड़ा 10 हजार से नीचे आया। रिकवरी रेट में तो करीब 10 फीसद तक सुधार हो चुका है। व्यवसायियों और डॉक्टरों का एक बड़ा तबका भी लॉकडाउन को आगे बढ़ाए जाने के पक्ष में था।

लोग इसलिए भी यह फैसला चाहते थे, क्योंकि ब्लैक फंगस ने वहां दस्तक दे दी है। राजधानी पटना में इसके 5 मरीजों की पहचान की गई है। ब्लैक फंगस नाक, आंख, दिमाग पर सीधा हमला करता है. कई मामलों में तो संक्रमितों की आंखें तक निकालनी पड़ती हैं। ब्लैक फंगस में मृत्यु की दर 50% है। डॉक्टरों का कहना है कि ब्लैक फंगस कोशिकाओं को नष्ट करने के साथ रोगी की हड्डियां तक गला देता है। इसे देखते हुए बिहार सरकार ने लॉकडाउन के प्रभाव और इसे आगे बढ़ाने की जरूरत को लेकर सभी जिलों से फीडबैक मांगा था। इसके बाद बुधवार को इशारा देते हुए कहा था कि लॉकडाउन से स्थिति सुधर रही है। इस विषम परिस्थिति से निकलने के लिए सभी के साथ और हौसले की जरूरत है।

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