बिहार में आराजकता की हद, महिला बीडीओ की बाल खींचकर पिटाई  

पटना. ऑनलाइन टीम : बिहार में आखिर वही हो रहा है, जिसके लिए वह बदनाम रहा है। सुशासन बाबू की भद्द पीट रही है, लेकिन प्रशासन लाचार दिख रहा है।  धनबल, बाहुबल, दबंगई, मारपीट, जानलेवा हमला सब शुरू हो गया है। ताजा मामला विवाद पैक्स चुनाव का है। नामांकन रद्द होने से नाराज अध्यक्ष पद के दावेदारों ने अपने 5-6 साथियों के साथ महिला बीडीओ कामिनी देवी पर जानलेवा हमला बोल दिया। बीडीओ को इसका कतई आभास नहीं था और न ही कभी उन्होंने इस तरह के हमले के बारे में कभी सोचा होगा।

जानकारी के अनुसार, यहां गुरुवार को नामांकन पत्रों की जांच की गई थी। जांच में 11 रुपए की रसीद नहीं कटी होने पर कुर्मीचक से पैक्स अध्यक्ष पद के दावेदार बमबम यादव और अखिलेश यादव का नामांकन रद्द कर दिया गया। उनका कहना था कि जान-बूझकर उनका नामांकन रद्द किया गया। हालांकि इस तरह के आरोपों को बीडीओ ने खारिज कर दिया, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थे। इसके बाद घोसवरी ब्लॉक ऑफिस से निकलकर बीडीओ कामिनी देवी अपनी गाड़ी में शाम करीब 6 बजे बैठने ही वाली थीं कि हमलावरों ने बाल पकड़ कर उन्हें खींच लिया।

फिर जमीन पर पटककर लात-घूसों से उनकी बेरहमी से पिटाई की। इस दौरान उनका सिर फट गया।  कई जगहचोटें भी आई हैं। बीडीओ को बचाने आए दूसरे स्टाफ भी हमलावरों के निशाने पर रहे। एक-एक कर हमलावरों ने सभी की जमकर धुनाई की। हैरत यह है कि इतना हंगामा करने के बाद वे आसानी से वहां से निकल भी गए। जख्मी बीडीओ का घोसवरी अस्पताल में इलाज जारी है। हमलावरों के नाम बमबम यादव, अखिलेश यादव और कुर्मीचक के सरपंच मनोज यादव बताए जा रहे हैं। उनके साथ और 5-6 लोगों ने हमला बोला था। हमले में उनका सिर फट गया और कई दूसरे लोग भी जख्मी हो गए।

मामले में एक आरोपी सरपंच मनोज यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। बता दें कि मोकामा से अलग कर घोसवरी को नया प्रखंड बनाया गया है, मगर यहां सुरक्षा का कोई खास इंतजाम नहीं है।  कोई सीसीटीवी कैमरा भी नहीं लगा है, इसलिए बीडीओ पर हुए हमले का पुलिस के पास कोई सीसीटीवी फुटेज नहीं है। हमले के वक्त सिर्फ दो सुरक्षाकर्मी मौजूद थे। सुरक्षाकर्मियों ने बीच-बचाव की कोशिश की, मगर हमलावरों ने उनके साथ भी हाथापाई की।

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