फर्जीवाड़ा से घातक इंजेक्शन का स्टॉक डॉक्टरी परामर्श के बिना बेची

चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज; एक गिरफ्तार

पिंपरी। सँवाददाता – मेडिकल स्टोर के फर्जी कागजात से घातक इंजेक्शन का अवैध रूप से स्टॉक करने और उसे डॉक्टरी परामर्श के बिना बेच दिए जाने का मामला सामने आया है। फूड्स एंड ड्रग्ज एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) द्वारा यह मामला सामने लाने के बाद पिंपरी चिंचवड़ की वाकड़ पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनमें से एक को गिरफ्तार किया है।
श्रीराम बालाजी रुपनर (निवासी थेरगांव, पुणे मूल निवासी लातूर) नामक आरोपी को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। उसके साथ गोविंद मनोहर पांचगे (निवासी थेरगांव, पुणे, मूल निवासी कर्नाटक) और सोपान माली (निवासी भुसावल, जलगांव) के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 467, 468, 175, 276, 336, 34 के साथ दवा व सौदर्य प्रसाधन कानून 1940 व नियम 1945 की धारा 18(c), 18A, 22(1)(cca), 18(a)(vi), 27(b)(ii), 27(d), 28 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस बारे में एफडीए के पुणे परिमंडल तीन की दवा निरीक्षक भाग्यश्री यादव (42) ने शिकायत दर्ज कराई है। 19 अक्टूबर 2019 से 22 फरवरी 2020 के बीच यह घटना घटी है। वाकड़ पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, एफडीए की टीम ने सदाशिव पेठ स्थित कैलाश इंटरप्रायजेस नामक होलसेेल दवा विक्री की दुकान में मेफेन्ट्राइन सल्फेट इंजेक्शन आईपी नामक इंजेक्शन की खरीद फरोख्त की जांच की। इसमें इस इंजेक्शन की 10 मिली की दो हजार बोतलों की बिक्री होने की बात सामने आई।
दवा निरीक्षक भाग्यश्री यादव ने इस दुकान से पिंपरी चिंचवड़ के पुनवले मेडिकल में जाकर पूछताछ की तो वहां से इस दवा की कोई खरीदी नहीं किये जाने की बात पता चली। छानबीन में कैलास इंटरप्राइजेस में पुनवले मेडिकल के नाम से बिक्री लाइसेंस की मुहर लगी रसीद दिए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद कैलास इंटरप्राइजेस के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज पुनवले मेडिकल के पार्टनर शरद गीते व विजय शिंदे को दिखाए गए। उसमें उनका दोस्त श्रीराम रुपनर ने गोविंदा पांचगे के साथ मिलकर यह स्टॉक खरीदते नजर आए।
इसी प्रकार से शिवाजीनगर के आरती फार्मा से भी उक्त दोनों ने फर्जीवाड़ा कर वही दवा खरीदे थे। छानबीन में रूपनर कुछ दिन पहले दवा की खरीदी बिक्री का काम करने की बात पता चली। वह शरद गीते का कॉलेज का मित्र था। एफडीए ने रूपनर से पूछताछ की तो उसने थेरगांव में उक्त दवा का स्टॉक रखने और उसमें से कुछ स्टॉक भुसावल में सोपान माली को बेचने की जानकारी दी। उसके पास से उक्त दवा की 290 बोतलें बरामद कर रूपनर और उसके दोनों साथियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है।मेफेन्ट्राइन सल्फेट इंजेक्शन आईपी डॉक्टर के परामर्श के बिना लेने पर शरीर पर दुष्प्रभाव होते हैं। साथ ही इससे मतिभ्रम, बेहोशी, हृदय की गति कम हो सकती है।
You might also like

Comments are closed.