केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी कोरोना संक्रमण की चपेट में, ट्वीट कर दी जानकारी

तिरुअनतंपुरम. ऑनलाइन टीम : भारत में कोरोना पर पिछले चार हफ्तों से खुशखबरी मिल रही है। इस दौरान कोविड-19 महामारी से पीड़ितों की संख्या में 11% की कमी आई है, लेकिन कभी कोरोना पर काबू पाने का मॉडल स्टेट बने केरल में इन्हीं चार हफ्तों में कोरोना के ऐक्टिव केस 233% बढ़ गए। अब तो केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी इस घातक कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। शनिवार को उनके पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है।

उन्होंने ट्वीट के जरिए यह जानकारी दी। उन्होंने लिखा, ‘ मेरे कोविड-19 टेस्ट के रिजल्ट में पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है, लेकिन इसमें चिंता का कारण नहीं हैं। पिछले सप्ताह नई दिल्ली में जो भी मेरे संपर्क में आए थे, उन सभी से मेरा आग्रह है कि एहतियात के तौर पर वे सब  टेस्ट कराएं।’ राज्यपाल शुक्रवार सुबह ही नई दिल्ली से वापस लौटे और शनिवार को अपना टेस्ट कराया। यह जानकारी राजभवन के सूत्रों ने दी है।

ध्यान रहे, दिल्ली जाने के पहले राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने केरल में कोरोना की नई लहर पर चिंता व्यक्त करते हुए आशंका जताते हुए कहा था कि इसकी वजह शायद वायरस का म्यूटेशन हो सकता है।  उन्होंने कहा, ‘हमने देखा है कि ज्यादातर म्यूटेशन के कारण दक्षिण के राज्यों में वायरस काफी खतरनाक हो गया है। हालांकि, हमें यह ध्यान देना होना होगा कि हम पूरी तरह सावधानी बरतते हुए बड़े पैमाने पर टेस्टिंग कर सकते हैं।’

म्यूटेशन का सीधा-सीधा अर्थ लें तो इसे रूप बदलना कहते हैं। कोरोना वायरस अगर म्यूटेशन कर रहा है तो इसका मतलब है कि वो अलग-अलग तरह की अपनी कॉपी बना रहा है और हर कॉपी नेचर में थोड़ा-थोड़ा अलग है। दरअसल, कोरोना वायरस से संक्रमित कोशिका लाखों में वायरस छोड़ती है जो मूल जीनोम की कॉपी होते हैं। जब कोशिका इस जीनोम की कॉपी बनाती है तो वह कभी-कभी गलती कर देती है। यानी केवल एक क्रम गड़बड़ा जाता है।

इस गलती को म्यूटेशन यानी उत्परिवर्तन कहा जाता है। चूंकि कोरोना वायरस एक व्यक्ति से दूसरे में फैलता है तो म्यूटेशन का दौर चलता रहता है। अभी केरल में कुल 83 हजार 3 सौ 24 सक्रिय मामले हैं, वहीं 3 लाख 88 हजार 5 सौ 4 संक्रमित स्वस्थ हुए हैं।

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