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केजरीवाल सरकार को HC की फटकार, शादी में अतिथियों की संख्या कम करने में 18 दिन क्यों लगे

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नई दिल्ली. ऑनलाइन टीम : राजधानी नई दिल्ली में कोरोना वायरस से निपटने के लिए नए कदमों को उठाने में देरी पर केजरीवाल सरकार को फटकार लगाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि आपको नींद से जगाया गया और हमारे सवाल पूछने के बाद आप पलट गए। अदालत ने दिल्ली सरकार से पूछा है कि आपने शादी समारोहों में लोगों की संख्या सीमित करने के लिए 18 दिन तक क्यों प्रतीक्षा की? इस अवधि में कितने लोगों की कोविड-19 से मौत हुई।

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हाईकोर्ट ने पूछा कि क्या इस भयानक स्थिति से निपटने के लिए उसके पास कोई रणनीति या नीति है। कोर्ट ने रेखांकित किया कि 10 नवंबर को दिल्ली में 8,593 नए मामले आए और संक्रमितों की संख्या बढ़ ही रही है। शहर में कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़कर 4,016 हो गई है। बेंच ने रेखांकित किया कि नवीनतम सिरो सर्वे के मुताबिक प्रत्येक चार लोगों में से एक में कोविड-19 का संक्रमित पाया गया। सीरो सर्वे का संदर्भ देते हुए अदालत ने कहा कि कोई भी घर बचा नहीं है।

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बता दें कि दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए फिर से शादी में 200 के बजाय 50 गेस्ट शामिल करने के दिल्ली सरकार के प्रस्ताव को एलजी ने मंजूरी दे दी। हालांकि, इस बीच, दिल्ली में लॉकडाउन लगाए जाने की अटकलों को मनीष सिसोदिया ने खारिज किया और उन्होंने कहा था कि दिल्ली सरकार का लॉकडाउन लगाने का कोई इरादा नहीं है। लॉकडाउन कोरोना से लड़ने का उपाय नहीं है। इससे लड़ने का एकमात्र उपाय मेडिकल मैनेजमेंट है। अभी दिल्ली में 26000 लोग होम आइसोलेशन में हैं। हमारे पास 16000 बेड हैं जिनमें से 50% बेड खाली हैं।

हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त स्थायी वकील सत्यकाम से जानना चाहा कि वह (सरकार) मास्क पहनने को सुनिश्चित करने के लिए क्यों नहीं कोई कानून ला रही, जिसे वास्तविक टीका आने तक प्रभावी सुरक्षा उपाय करार दिया जा रहा है।

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