किसानों के साथ फिर केजरीवाल, कहा-अब दर्ज किए जा रहे हैं फर्जी केस  

नई दिल्ली. ऑनलाइन टीम : 26 जनवरी को किसान आंदोलन के ट्रैक्टर रैली के दौरान जो कुछ हुआ उससे देश स्तब्ध रह गया। दिल्ली पुलिस ने जिस संयम का परिचय दिया, उसे भी दुनिया ने देखा, लेकिन अब उस पर राजनीति शुरू हो गई है। जैसे ही दिल्ली पुलिस एक्शन में आई, किसानों के हिमायती बने लोगों को पुलिस की नीयत में खोट नजर आने लगी।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को कहा “26 जनवरी को जो कुछ भी हुआ, वो दुर्भाग्यपूर्ण था। जो हिंसा हुई, वो दुर्भाग्यपूर्ण थी, लेकिन अब जो पुलिस करने जा रही है, वह भी पूरा सच नहीं। फर्जी केस किए जा रहे हैं। इससे तो किसान और मरेंगे। उस दिन हिंसा हुई, तो क्या इस वजह से किसानों के मुद्दे  खत्म हो गए? नहीं, वो मुद्दे आज भी बरकरार हैं जिनकी वजह से वो 60 दिन से बेचारे बैठे हैं। कह रहे हैं कि अब तो आंदोलन खत्म। आंदोलन कैसे खत्म? वो किसानों की जो समस्याएं हैं, वो तो आज भी हैं।”

केजरीवाल ने कहा, “जिस देश का किसान दु:खी है, वो देश खुश नहीं हो सकता।  70 साल से सभी पार्टियों ने मिलकर किसानों को धोखा दिया है। कभी कहते थे तुम्हारा लोन माफ करेंगे। किसी ने लोन माफ नहीं किया। कभी कहते थे तुम्हारे बच्चों को नौकरी देंगे, किसी को नौकरी नहीं दी। पिछले 25 साल से बताते हैं कि देश के अंदर साढ़े तीन लाख किसान आत्महत्या कर चुके हैं। किसी ने किसानों की सुधि नहीं ली।”

हकीकत यही है कि किसानों के साथ लगातार छल होता आया है और छल हो रहा है। “अब ये जो तीनों बिल आए हैं, ये तीनों बिल एक तरह से किसानों से उनकी खेती छीन के इन दो-चार पूंजीपतियों को सौंप देंगे। तो अब किसानों के लिए अस्तित्व का सवाल है। अब अगर सड़क पर नहीं उतरेगा तो किसानी नहीं बचेगी। और अगर किसानी नहीं बचेगी तो बेचारा किसान जाएगा कहां। वह अपने परिवार को कैसे पालेगा। मैं कई बार सोचता हूं कि इतनी ठंड के अंदर किसान कैसे बैठे हैं। वो इसीलिए बैठे हैं कि नहीं बैठेंगे तो कुछ बचेगा ही नहीं।”

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