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Karva Chauth Special : जानें कब निकलेगा करवा चौथ का चांद, क्या हैं शुभ समय

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मुंबई : समाचार ऑनलाइन – कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का त्योहार मनाया जाता है। इस बार करवा चौथ का त्योहार 17 अक्टूबर यानि की आज है। इस त्योहार को देशभर की सुहागिन महिलाएं बहूत ही धूमधाम से मनाती है। इस दिन महिलाओं ने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखा है। इस दिन महिलाएं निर्जला उपवास रहकर शाम को पूजा पाठ के बाद छलनी से चांद देखकर पति के हाथों से पानी पीती हैं और अपना व्रत खोलती हैं।

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करवा चौथ में शिव-शिवा व स्वामी कार्तिकेय का पूजन किया जाता है। इस व्रत को करने का अधिकार मात्र स्त्रियों को ही है, क्योंकि स्त्रियों की ही फलश्रुति शास्त्रों में मिलती है। चतुर्थी तिथि 17 अक्टूबर सुबह 06 बजकर 49 मिनट से शुरू होगी। जिसके कारण इससे पहले महिलाओं को सरगी खानी होगी।

करवा चौथ का शुभ मुहूर्त –
शाम 7 बजकर 58 मिनट पर चांद का उदय होगा। इसी समय चंद्र देव को अर्घ्य देने का शुभ समय होगा। इस साल का करवा चौथ बेहद शुभ समय में पड़ रहा है। यह योग 70 साल बाद बन रहा है। इस शुभ समय में चंद्र देव अपनी प्रिय पत्नी रोहिणी के साथ उदय होंगे अर्थात रोहिणी नक्षण में चंद्रमा का उदय होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ये एक बेहद शुभ योग है और ऐसा योग कई सालों बाद बनता है।

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करवा चौथ पूजा विधि –
– करवाचौथ पर महिलाएं चंद्रमा की पूजा करती हैं। इस दिन महिलाएं चंद्रोदय पर चंद्रमा की पूजा संपन्न कर अपने पति के हाथ से पानी पीकर अपना व्रत खोलती हैं। कहा जाता है कि चांद देखे बिना व्रत अधूरा रहता है। चांद की पूजा से पहले कोई महिला न कुछ भी खा सकती हैं और न पानी पी सकती है।

– इस दिन महिलाएं ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सभी कामों ने निवृत्त होकर स्नान करती है। इसके बाद इस मंत्र का उच्चारण करके संकल्प लें-”मम सुखसौभाग्य पुत्रपौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये करक चतुर्थी व्रतमहं करिष्ये”।

पूजा की थाली –
छलनी, करवा (मिट्टी का टोंटीदार करवा और ढक्कन), दीपक, सिंदूर, फूल, फल, मेवे, रुई की बत्ती, कांसे की 9 या 11 तीलियां, नमकीन, मीठी मठ्ठियां, मिठाई, रोली और साबुत चावल, आटे का दिया, अगरबत्ती, तांबा या स्टील का लोटा (पानी भरा हुआ), आठ पूरियों की अठावरी और हलवा।

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