International Yoga Day। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश को किया संबोधित; कहा – ‘इस महामारी के दौरान योग आत्मबल का नया साधन बना’

ऑनलाइन टीम- आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस है। आज के दिन विश्व के 190 देशों में योग दिवस मनाया जा रहा है। इस बार योग दिवस की थीम ‘ तंदुरुस्ती के लिए योग’ है। देश में चल रहे महामारी के कारण आज के दिन हर जगह पर वर्चुअल योग दिवस ही मनाया जा रहा है। देश के हर हिस्से में छोटे से ब‌‌ड़े सभी योग कर अपने आपको स्वस्थ बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

विश्व में हर साल 21 जून को ही योग दिवस मनाया जाता है। कहा जाता है कि मानव सभ्यता की शुरुआत से ही योग किया जा रहा है। 11 दिसंबर 2014 को सन्युक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की घोषणा की। इसके लिए हर साल एक अलग थीम होती है। नेता से आम जनता हर कोई कर रहा है योग।

इस मौके पर क्या कहा प्रधानमंत्री मोदी ने

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया कोरोना महामारी से लड़ रही है। इसके लिए योग उम्मीद की किरण बना हुआ है। दो साल से इस मौके पर कोई सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं हो रहे हैं, लेकिन उत्साह बिल्कुल भी कम नहीं हुआ है। मोदी ने कहा कि मैं आज योग दिवस पर कामना करता हूँ कि हर देश, हर समाज और हर व्यक्ति स्वस्थ हो। सब एक साथ मिलकर एक दूसरे की ताकत बनें। महामारी के दौरान लोग योग को भूल सकते थे, इसकी उपेक्षा कर सकते थे लेकिन इसके विपरीत लोगों में योग का उत्साह और बढ़ा है। योग से प्रेम बढ़ा है।

जब कोरोना जैसे अदृष्य वायरस ने दुनिया में दस्तक दी तो कोई भी देश, साधनों से, सामर्थ्य से और मानसिक अवस्था से, इसके लिए तैयार नहीं था। हम सभी ने देखा है कि ऐसे कठिन समय में योग आत्मबल का नया साधन बना। योग ने लोगों में भरोसा जगाया कि हम इस बीमारी से लड़ सकते हैं। जब फ्रंटलाइन वॉरियर्स से, डॉक्टर्स से बात करता हूं तो मुझे बताते हैं कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में उन्होंने योग को ही अपना सुरक्षा कवच बनाया। डॉक्टरों ने योग से खुद को भी मजबूत किया और अपने मरीजों को जल्दी स्वस्थ करने में इसका उपयोग भी किया और आज अस्पतालों से ऐसी कितनी तस्वीरें आती हैं, जहां.. डॉक्टर, नर्सेस मरीजों को योग सिखा रहे हैं। तो कहीं मरीज अपना अनुभव साझा कर रहे हैं। प्राणायाम, अनुलोम-विलोम जैसी ब्रीदिंग एक्सरसाइज से हमारे  रेस्पिरेटरी सिस्टम को कितनी ताकत मिलती है, ये भी दुनिया के विशेषज्ञ खुद बता रहे हैं।

18 हजार फीट की ऊंचाई पर ITBP जवानों ने किया योग

इस बीच लद्दाख समेत देश के अलग अलग हिस्सों में आईटीबीपी के जवान योग कर रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देश की सीमाओं की रखवाली में लगे जवानों ने भी योग किया। जवानों ने लोगों को योग को अपनी दिनचर्या में शामिल कर स्वस्थ्य रहने का संदेश दिया। लद्दाख में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों ने शून्य से भी नीचे तापमान और 18,000 फीट की ऊंचाई पर योग किया। वहीं जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ जवानों ने योग किया। चीन की आंखों में आंखें डालकर जवाब देने वाले लद्दाख की गलवां घाटी में तैनात आईटीबीपी के जवानों ने भी कड़ाके की सर्दी में योग किया।

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