सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर कल अहम सुनवाई, जनहित याचिका में रोक लगाने की गुजारिश

ऑनलाइन टीम. नई दिल्ली : सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर रोक लगाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। देशभर में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए याचिका दायर कर सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर अंतरिम रोक लगाने का अनुरोध किया गया है। याचिका में दलील है कि यह परियोजना आवश्यक गतिविधि नहीं है इसलिए, महामारी के संकट के समय इसे रोका जाना चाहिए। यही नहीं, याचिका के मुताबिक निर्माण कार्य में कई लोग शामिल हैं, जिन्हें लगातार आवागमन करना पड़ रहा है, जिससे संक्रमण फैलने में तेज़ी आ सकती है।

मंगलवार को सुनवाई में केंद्र सरकार की ओर से जवाब दाखिल किया गया। हाई कोर्ट ने सुनवाई के लिए अगली तारीख 12 मई तय की है।  बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर रोक लगाने संबंधी याचिका पर फिलहाल दखल देने से मना कर चुका है।  इसके बाद यह जनहित याचिका दिल्ली हाई कोर्ट में दायर की गई है।

बता दें कि सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट लुटियंस दिल्ली का सबसे बड़ा और महत्वाकांक्षी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट है। इसके तहत भविष्य की जरूरतों के मद्देनजर एक नया और विशाल संसद भवन, एक केंद्रीय सचिवालय के अलावा कई इमारतें बनाई जानी हैं। इसके साथ ही राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक की तीन किलोमीटर के इलाके का नए सिरे से विकास होना है।ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि संसद की मौजूदा इमारत, भारत सरकार के कई दफ्तर, प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रति का आवास आज की आवश्यकताओं के मुताबिक अपर्याप्त माना जा रही है।

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के मुख्य आकर्षण-

– नया संसद भवन होगा, जो 64,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला होगा। संसद की नई इमारत मौजूदा संसद भवन से काफी बड़ी होगी, जहां एक साथ 1,224 सांसदों के बैठने की व्यवस्था होगी।
-लोकसभा सदन में 888 सांसदों की क्षमता होगी, जबकि राज्यसभा सदन में 384 सांसदों की जगह होगी। यह व्यवस्था भविष्य में सांसदों की संभावित संख्या के मद्देनजर की जा रही है।
– एक भव्य कॉन्स्टिट्यूशन हॉल भी होगा, जिसमें संविधान की मूल कॉपी रखी जाएगी। यहां विजटर गैलरी भी होगी जिसमें भारत के लोकतंत्र की विरासत को डिजिटली डिसप्ले करने इंतजाम रहेगा।
-संसद की नई इमारत में अत्याधुनिक डिजिटल इंटरफेस की व्यवस्था होगी, ताकि यह ‘पेपरलेस दफ्तर’ की तरह काम कर सके।  प्रोजेक्ट पर कुल 971 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
-संसद की नई इमारत का निर्माण 2022 तक पूरा हो जाने की संभावना है। जबकि, पूरा सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के पूर्ण होने की समय-सीमा 2024 रखी गई है।

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