अवैध निर्माण का मामला… सोनू सूद ने सुप्रीम कोर्ट से वापस ली याचिका

नई दिल्ली. ऑनलाइन टीम : आवासीय इमारत में अवैध निर्माण को लेकर बीएमसी के नोटिस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे अभिनेता सोनू सूद ने अपनी याचिका वापस ले ली।

बता दें कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने कुछ दिनों पहले एक्टर सोनू सूद की वह याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें उन्होंने बृहन्मुंबई महानगर पालिका के तोड़फोड़ का नोटिस खारिज करने की मांग की थी। बीएमसी का आरोप है कि सोनू ने एक रिहायशी इमारत में दो बार अवैध निर्माण करके उसे होटल के रूप में बदला। सूद हाईकोर्ट के इसी फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे।

उनके वकील मुकुल रोहतगी ने कोर्ट को बताया- सोनू ने बीएमसी के सामने अपना पक्ष विस्तार से रखा है। उन्हें बीएमसी के निर्णय की प्रतीक्षा है। याचिका में कहा गया था 13 जनवरी 2021 को उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र क्षेत्रीय और नगर योजना कानून 1966 की धारा 43 (एक) के प्रावधानों पर विचार किए बिना आदेश जारी किया। अभिनेता ने अपनी याचिका में कहा था इमारत में बदलाव को लेकर उनके आवेदन को नगर निगम के आयुक्त ने मंजूर कर लिया था और यह महाराष्ट्र तटीय क्षेत्र प्रबंधन प्राधिकरण (एमसीजेडएमए) की अनुमति के अधीन है।

बता दें कि बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस पृथ्वीराज चह्वाण की सिंगल बेंच ने सोनू की अर्जी को महाराष्ट्र रीजनल टाउन प्लानिंग एक्ट की धारा 53 के तहत गलत पाया था। इस केस की सुनवाई में बीएमसी ने सोनू को आदतन अपराधी भी कहा था। नोटिस पिछले साल अक्टूबर में भेजा गया था।  यह जुहू स्थित छह मंजिला शक्ति सागर बिल्डिंग है। सोनू सूद पर आरोप है कि उन्होंने इस रिहायशी इमारत को बिना कानूनी मंजूरी के होटल के रूप में बदला।  सोनू के वकील अमोघ सिंह ने दावा किया था कि शक्ति सागर इमारत में ऐसा कोई बदलाव नहीं किया गया, जिसमें BMC से अनुमति लेना जरूरी हो। सिर्फ वही बदलाव किए गए हैं जिनकी महाराष्ट्र क्षेत्रीय और नगर नियोजन अधिनियम के तहत अनुमति जरूरी है। इससे पहले पिछले महीने सोनू की याचिका सिटी सिविल कोर्ट ने भी खारिज की थी।

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