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अगर देश में कोरोनावायरस का खतरा गहराता है, तो बचाव हो जाएगा मुश्किल, डॉक्टरों की है भारी कमी

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नई दिल्ली: समाचार ऑनलाइन- दुनिया में जानलेवा कोरोना वायरस का खतरा मंडरा रहा है. कई देशों सहित भारत में भी इस वायरस से संक्रमित मामले सामने आए हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि यह वायरस भारत में फ़ैल जाता है, तो हम इससे निपट पाएंगे या नहीं ? तो बता दें कि इस स्थिति से निपटना देश के लिए नामुमकिन हो जाएगा, क्योंकि देशभर के अस्पतालों में डॉक्टर्स और मेडिकल सुविधाओं की भारी कमी है.

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स्वास्थ्य मामलों के विशेषज्ञ अरविंद मिश्रा बताते हैं कि, सरकार ने ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे के नाम पर अस्पतालों और हेल्थ सेंटर की बिल्डिंगें तो बना दी हैं, लेकिन यहां मानव संसाधनों की भारी कमी है. ऐसे में इलाज़ कैसे होगा.

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अगर आप भी इन सरकारी आंकड़ों पर नजर डालेंगे, तो आपके सामने भी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी. इन आंकड़ों के मुताबिक देश के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टर्स की लगभग 41.32 फीसदी की कमी है. यहां के लिए सरकार द्वारा कुल 158,417 पद स्वीकृत किए गए हैं, फिर भी 65,467 पद अभी भी रिक्त हैं. वहीं एक्सपर्ट डॉक्टरों की लगभग 82 फीसदी कमी है. इसलिए अगर कोरोना वायरस देश में पैर पसारता है, तो इससे निपटना सरकार के लिए बेहद ही कठिन कार्य हो जाएगा.

बता दें कि पूरी दुनिया में अब तक इस वायरस ने 64,434 लोगों को बीमार कर दिया है. इनमें से 63,851 सिर्फ चीन में हैं. वहीं इससे अब तक 1383 से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है. इनमें से 1380 लोग सिर्फ चीन के हैं.

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