ग्रीन ट्रिब्यूनल ने आंखें तरेरी तो मनपा नींद से जागी, नदी किनारे किए गए अतिक्रमण पर होगी कार्रवाई

पिंपरी : समाचार ऑनलाइन – पवना, मुला व इंद्रायणी नदी के किनारों पर बड़ी मात्रा में मलबा और भराव डालकर अतिक्रमण किया गया है. अब अतिक्रमण हटाने के लिए समयबद्ध कार्यक्रम शुरू किए गए हैं. उसका डेवलपमेंट प्लान ग्रीन ट्रिब्यूनल के समक्ष रखा गया है. आने वाले 15 दिनों में ये सभी अतिक्रमण व मलबा हटाने की शुरुआत की जाएगी. इसके लिए मनपा के अधिकारियों की नियुक्ति, उनके क्षेत्र और कामकाज तय कर दिए गए हैं. इस कार्य में लापरवाही बरते जाने पर अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी.

शहर के करीब से बहने वाली मुला, मुठा, पवना व इंद्रायणी नदियों के किनारे बड़ी मात्रा में अतिक्रमण किए गए हैं. कई जगहों पर भराव डालकर भंगार दुकान व अन्य बिजनेस शुरू कर दिया गया है. यहां से अतिक्रमण हटाने के लिए समयबद्ध डेवलपमेंट प्लान तैयार करके उसे ग्रीन ट्रिब्यूनल भेजने का आदेश दिया गया था. नदी किनारों पर नीले और लाल रंग वाली बाढ़ रेखा में किए गए निर्माण कार्य, हरियाली क्षेत्र में किए गए अतिक्रमण, नदी किनारे हर दिन डाले जा रहे मलबा, मैला मिश्रित पानी के कारण नदी के प्रवाह में रुकावटें आ रही है. इसके साथ ही नदियों के मृत अवस्था में पहुंच जाने से लोगों को सांस लेने में तकलीफें हो रही है. नियुक्ति किए गए अधिकारियों को कार्रवाई की रिपोर्ट ग्रीन ट्रिब्यूनल में पेश करनी होगी. साथ ही तीनों नदियों के किनारों की सीमारेखा सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से सर्वे करने की जिम्मेदारी उनके ऊपर होगी.

गैरकानूनी निर्माणकार्य, मलबा व भराव डालने वालों की सूची तैयार करने, इन सभी को कानूनी नोटिस भेजने के बाद निर्माणकार्य या भराव निकालकर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. नदियों में किए जा रहे अतिक्रमण को लेकर पर्यावरण प्रेमियों और स्वयंसेवी संस्थाओं ने हमेशा आवाज उठाई है. कोई-कोई पर्यावरणप्रेमी सीधे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाते हैं. ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद मनपा ने समयबद्ध डेवलपमेंट प्लान पेश किया है. इनमें पवना, मुला, मुठा व इंद्रायणी नदियों के किनारों पर डाले गए मलबा और अन्य अतिक्रमण को हटाने के लिए अधिकारी नियुक्ति किए गए हैं.

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