अगर ‘वो’ लोग ही नहीं बचे तो सरकार किस काम की? प्रतिबंध पर संजय राउत की ‘सख्त’ राय

मुंबई: सरकार ने मिनी लॉकडाउन की घोषणा की और प्रत्यक्ष में पूर्ण लॉकडाउन लगाया है, यह आरोप लगाते हुए राज्य में जगह-जगह व्यापारी सड़क पर उतर कर नारजगी व्यक्त कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने व्यापारियो को गुमराह किया है। 25 दिन दुकान बंद रख कर कैसे जियेंगे, यह सवाल व्यापारियो ने उठाया है। यह ‘ब्रेक द चेन’ व्यापारियो के लिए ‘ब्रेक द लाइफ’ साबित हो सकता है। वही दूसरी ओर विपक्ष नेता देवेंद्र फ़डणवीस ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर इस निर्णय पर पुनर्विचार करने का सुझाव दिया है। इस संदर्भ में सांसद संजय राउत ने अपनी राय रखी है।

राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री ने विपक्ष नेता के साथ सभी पार्टियों के प्रमुख नेता से चर्चा करने के बाद ही लॉकडाउन का निर्णय लिया है। विपक्ष के नेता को महाराष्ट्र सरकार के साथ मिलकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़नी चाहिए। राजनीति करने के लिए पूरी जिंदगी बची हुई है। सरकार आती- जाती रहती है, लेकिन जो लोग सरकार को चुनते हैं वही नहीं बचे तो फिर राज्य और सरकार का क्या काम। सरकार ने खुशी से लॉकडाउन नहीं लगाया है।

गुजरात महाराष्ट्र का पड़ोसी राज्य है, वहाँ उच्च न्यायालय ने लॉकडाउन लगाने का निर्देश दिया है। अगर लॉकडाउन नहीं लगाया तो समस्या और भी गंभीर हो सकती है। मुख्यमंत्री ने जनता के हित के बारे में सोच कर फैसला लिया है।

क्या कहा फ़डणवीस ने

कोरोना काल में लगाए गए सख्त प्रतिबंध की वजह से जनमानस में नाराजगी आई है। इसलिए तत्काल कदम उठाकर छोटे व्यवसायी, जनसामान्य को राहत दे। साथ ही सभी वर्ग से चर्चा कर फिर से अधिसूचना जारी करने की बात फडणवीस द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में कहा गया है। हमने सोचा सिर्फ दो दिन का लॉकडाउन लगेगा इसलिए हमने सहमति दिखाई। हालांकि 5 दिन के लॉकडाउन जैसी परिस्थिति के सख्त प्रतिबंध के कारण लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसलिए इस प्रतिबंध की अधिसूचना नए तरीके से जारी करे, यह मांग फडणवीस ने पत्र के माध्यम से की है।

 दुकान बंद, लेकिन नाराजगी

मिनी लॉकडाउन में हमेशा की तरह दुकानें खुली रहेंगी, इसलिए व्यापारी बेखबर बंदी को लेकर थे। लेकिन जिला प्रशासन ने रात में ही निर्णय बदल दिया| जालना जिले में व्यापारियों ने मंगलवार सुबह में दुकाने खोली लेकिन दोपहर में पुलिस ने दुकाने बंद करा दी। व्यापारियो के प्रतिनिधि मंडल ने केंद्रीय राज्यमंत्री रावसाहेब दानवे से मुलाकात की और अपनी नाराजगी जताई।

सरकार के पास 2 दिन का समय

हम दिन दिन तक इंतज़ार करेंगे, मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर निवेदन करते हैं, सुने तो ठीक नहीं तो निर्णय लेना पड़ेगा। यह चेतावनी पुणे शहर व्यापारी महासंघ ने दिया है। मनपा कुछ बोलती है और राज्य सरकार कुछ और ही आदेश निकालती है। इन शब्दों में व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष एड. फतेहचंद रांका ने बंद के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की है। कोल्हापुर के व्यापारियो ने दुकानें खुली रखी। सातारा में व्यापारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री विधायक पृथ्वीराज चव्हाण से मुलाकात कर अपनी मांगे रखी। सांगली में सैलून को छोड़कर इलेक्ट्रिक, इलेक्ट्रॉनिक्स, जिरॉक्स, बुक सेंटर होटल, मॉल और छोटे बाजार दिन भर खुले थे।

व्यापारियों में असंतोष

व्यापारी और दुकानदार ने भ्रम की स्थिति में लॉकडाउन का पालन किया। हालांकि इस निर्णय के खिलाफ हर जगह नारजगी ही दिखी। बुलढाना में विविध संगठन व व्यापारियो में नाराजगी थी। वंचित बहुजन आघाडी की ओर से बुलढाणा में रास्ता रोको किया गया।

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