पुणे जिले के जुन्नर स्थित दार्या व नाणे घाट में पर्यटकों के सैकड़ों गाड़ियों की भीड़

पुणे : ऑनलाइन टीम-  दार्या व नाणेघाट में पर्यटन पर रोक के होने के कारण पुलिस दवारा किए गए नाकेबंदी को तोड़कर सैकड़ो वाहनों की भीड़ रविवार को देखी गई। कोरोना के कारण, भले ही जुन्नार तालुका के दरिया और नानेघाट क्षेत्रों में पर्यटन पर प्रतिबंध लगा दिया गया हो, लेकिन शनिवार और रविवार को यहां पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। अलग-अलग जगहों से दोपहिया और कार से आने वाले पर्यटकों की वजह से कोरोना संक्रमण होने की आशंका है, जिससे गांव की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है। हालांकि पर्यटकों पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर आंबोली के सरपंच नमाबाई अरुण मोहरे, उप सरपंच सखाराम काठे और ग्राम सेवक टी. एस. आंभिरे ने 17 तारीख को जुन्नर के वन रेंजर अजीत शिंदे और पुलिस निरीक्षक विकास जाधव को पत्र लिखा है।

 छुट्टी के दिन यहाँ पर सौ से ज्यादा वाहन आते हैं। पुणे, मुंबई, ठाणे के साथ-साथ स्थानीय पर्यटक यहां प्रकृति की सुंदरता का आनंद लेने और झरने के नीचे भीगने का आनंद लेने आते हैं। हालांकि स्थानीय लोगों ने उनका विरोध किया, लेकिन फिर भी कोई नहीं सुन रहा। इस वजह से विवाद और कभी-कभी झगड़े होते हैं। इसलिए स्थानीय लोग यहां आने वाले पर्यटकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

इस बीच, जुन्नर पुलिस ने शनिवार और रविवार को दार्या और नानेघाट आने वाले पर्यटकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए जुन्नर आपटाले मार्ग पर नाकाबंदी किया था। हालांकि, स्थानीय लोगों ने कहा कि कार्रवाई केवल स्थानीय लोगों के खिलाफ की गई और पर्यटकों को छोड़ दिया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि इससे दोनों जगहों पर भीड़भाड़ रही। इस क्षेत्र के जो लोग किराना, बीज बोने व खेती के काम के लिए बाहर जाने के लिए निकल रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। स्थानीय लोगों ने मांग की कि पुलिस नानेघाट और दार्या घाट को जाम कर कार्रवाई करे। आपटाले में नाकेबंदी के बाद पर्यटक सुरले के तेजुर रोड होते हुए पीर बाबा रोड, कोल्हालवस्ती आपटाले हाई स्कूल रोड से निकल रहे थे। अब जबकि उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है जिनके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है, क्या किसानों को खेत में जाने पर भी उनका लाइसेंस लेना होगा? यही सवाल किया जा रहा था।

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