निर्माल्य व मूर्तिदान उपक्रमों को मिली भारी तवज्जो

पुणे : समाचार ऑनलाईन –  नदी प्रदूषण टालने को लेकर लगातार की जा रही जनजागृति असरदार साबित हो रही है। इस साल पर्यावरण पूरक गणेशोत्सव मनाने पर गणेशभक्तों का खासा जोर नजर आया। गणेशोत्सव के समापन यानी विसर्जन पर निर्माल्य एवं गणेश मूर्तिदान उपक्रमों को पिंपरी चिंचवड़ शहर में भारी तवज्जो मिली। संस्कार प्रतिष्ठान और डॉ डीवाई पाटिल फार्मसी महाविद्यालय पिंपरी के संयुक्त तत्वावधान में चलाए गए उपक्रम ने तो इस बार नया रिकॉर्ड कायम किया है। उनके उपक्रम में 52 हजार 577 गणेश मूर्तियां और 33 टन निर्माल्य संकलित किया गया।

पिंपरी चिंचवड शहर के थेरगांव पुल घाट, कालेवाडी, वाल्हेकरवाडी, मोरया गोसावी, केशवनगर, गणेश तलाव, मोरवाडी आदि इलाकों में पूरे 10 दिन यह उपक्रम चलाया गया। इसके अलावा उत्सव के 11 दिनों तक चिंचवड़ पुलिस थाने की सीमा में शाम 4 से रात 12 बजे तक ट्रैफिक सुचारू बनाने और सुरक्षा बंदोबस्त में पुलिस को सहयोग देने के लिए 180 स्वयंसेवक तैनात किए गए थे। उन्हें विशेष पुलिस अधिकारी का नाम दिया गया उनमें महिला बचत गुटों की महिलाएं और डॉ डीवाई पाटिल फार्मसी महाविद्यालय के एनएसएस के 80 विद्यार्थी सहभागी थे।

भोसरी के विधायक महेश लांडगे की अगुवाई में इंद्रायणी स्वच्छता अभियान के तहत गणेश विसर्जन पर भोसरी की सामाजिक संस्थाओं ने एकत्रित आकर पर्यावरण का संतुलन बनाये रखने के लिए मूर्तिदान उपक्रम चलाया। गणेश मूर्ति इंद्रायणी नदीपाट में विसर्जन करने की बजाय उन्हें दान कर इंद्रायणी नदी की पवित्रता का जतन करने की अपील असरदार साबित हुई और करीबन चार हजार मूर्तियां संकलित की गई। घाट परिसर में कृत्रिम हौद बनाये गए थे और लोगों से नदी की बजाय उसमें विसर्जन करने की अपील की जाती रही। इस उपक्रम में अविरत श्रमदान संस्था, सायकल मित्र, महेश दादा स्पोर्ट्स फाऊंडेशन, पोलीस नागरिक मित्र, गंधर्व वृक्ष मित्र, टीएचयू ग्रुप संस्था- संगठन शामिल हुए। शाहूनगर, चिखली, पिंपरी, चिंचवड, वाल्हेकरवाडी, निगडी, प्राधिकरण, रावेत परिसरों में गणेशोत्सव के सुरक्षा बंदोबस्त के लिए प्राधिकरण नागरी सुरक्षा कृति समिति के 150 स्वयंसेवक तैनात रहे। चिंचवड़ घाट और गणेश तालाब परिसर में निर्माल्य संकलन का उपक्रम भी समिति द्वारा चलाया गया।