निलंबित नगररचना विभाग के सहसंचालक हनुमंत नाझीरकर के पास करोड़ों की संपत्ति, 37 कंपनियों में परिवार के सदस्यों की हिस्सेदारी

पुणे : निलंबित नगररचना विभाग के सहसंचालक हनुमंत नाझीरकर के पास से 82 करोड़ 34 लाख रुपये की बेनामी सम्पत्ति होने की जानकारी पुलिस जांच में सामने आई है। साथ ही 37 कम्पनियो में उसके और उसके परिवार के नाम और हिस्सेदारी की जानकारी भी सामने आई है।

भ्रष्टाचार से कमाए गए पैसे का इस्तेमाल कर नाझीरकर ने अपने ससुर गुलाब दिना धावडे के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदी। बहुत सारे संस्था में इन्वेस्ट भी किया। उसके बाद ससुर धावडे के निधन के बाद फर्जी डेथ सर्टिफिकेट बना कर सभी प्रॉपर्टी व कम्पनी पत्नी संगीता नाझीरकर के नाम कर दी। नाझीरकर ने ससुर के नाम पर 35 और खुद के नाम पर और पत्नी के नाम पर 17 जगहों पर प्रॉपर्टी खरीदी। नाझीरकर को 24 मार्च को पुणे ग्रामीण पुलिस के स्थानीय क्राइम ब्रांच की टीम ने महाबलेश्वर से गिरफ्तार किया। पिछले कई दिनो से नाझीरकर पुलिस को झांसा दे रहा था। नाझीरकर पर पुणे के दत्तवाडी व अलंकार पुलिस थाने में और मुंबई स्थित पीएमसी थाने में एफआईआर है। आगे की कारवाई के लिए उसे बारामती पुलिस के कब्जे में दिया गया। इसके बाद उसे अलंकार पुलिस थाने में दर्ज मामले में गिरफ्तार किया गया। उसे 14 दिन की पुलिस हिरासत में रखने की मांग सरकारी वकील राजेश कावेडिया ने की। कोर्ट ने आरोपी को 7 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी की सजा सुनाई है।

नाझीरकर द्वारा किए गए लेन देन व कंपनियों की होगी जांच

नाझीरकर के पास से उसके ससुर का फर्जी डेथ सर्टिफिकेट लेनाहै। ससुर और पत्नी के नाम पर इन्वेस्ट किए गए पैसों की जांच करनी है। प्रॉपर्टी खरीदते समय लेन देन कैसे हुआ। नाझीरकर के परिवार और कितनी कंपनियों में हिस्सेदार हैं, इसकी जांच करनी है। और कहाँ-कहाँ उसकी प्रॉपर्टी है, इन सबकी पूछताछ करने के लिए नाझीरकर को पुलिस कस्टडी में रखने का तर्क एड. कावेडिया ने दिया।

 

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