बहुत दिनों बाद बोले हामिद अंसारी, कहा-कृषि कानूनों पर संसद में डिबेट कम हुई  

नई दिल्ली. ऑनलाइन टीम : पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी काफी दिनों बाद एक बार फिर सामने आए। उन्होंने आज की सबसे ज्वलंत प्रकरण नए कृषि कानूनों पर बात की। उनका कहना है कि इस पर संसद में डिबेट कम हुई। अगर इस पर ध्यान दिया होता, तो शायद ऐसे हालात नहीं बनते।   कहा कि जब आप ऐसे कानून अमल में लाना चाहते हैं, तो संसद में इस पर अच्छे से चर्चा होनी चाहिए और सभी की राय भी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी देश की सरकारों को हमेशा से ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार ये नियंत्रण से बाहर हो जाती हैं।

उन्होंने कहा कि पूरा देश देख रहा है, क्या हो रहा है? इस बारे में सभी की राय भी अलग-अलग है। किसान और सरकार में बैठे लोग भारत के नागरिक हैं। यह मामला इस हद तक नहीं पहुंचना चाहिए था और इसका हल ढूंढना चाहिए था। क्या किसान और सरकार के बीच दूरियां बन रही हैं? इस सवाल के जवाब पर उन्होंने कहा कि, मैं ये कैसे कहूं? दोनों ही नागरिक हैं। लेकिन इस बात को इस हद तक पहुंचना नहीं चाहिए था, हल निकालना चाहिए था। भारत सरकार के सामने यह पहली समस्या नहीं है। हर स्टेज पर समस्याएं आती रही हैं, कभी कभी समस्याएं कंट्रोल के बाहर चली जाती हैं। लेकिन इस मसले पर मुझे लग रहा है कि समस्या कंट्रोल के बाहर हो चुकी है।

हामिद अंसारी ने पड़ोसी मुल्कों के साथ भारत के सम्बन्धों पर भी अपनी राय रखी, उन्होंने बताया कि, चीन और भारत दोनों बड़े देश हैं और पड़ोसी हैं। दोनों समझते हैं कि एक दूसरे के साथ रहना है। जो दूरियां है उन्हें बातचीत से सुलझाना चाहिए और मेरे ख्याल से सरकार की यही कोशिश है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी ने कई बार कहा है कि हम बातचीत कर रहे हैं।

अपनी नई किताब ‘बाय मेनी अ हैपी एक्सिडेंट’ के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि वे कॉलेज के दिनों में PhD कर विश्वविद्यालय में पढ़ाना चाहते थे। लेकिन अपनी मां के कहने पर उन्होंने सिविल सर्विस एग्जाम पर फोकस कर लिया। उन्होंने बताया कि इस किताब में उनकी जिंदगी के ऐसे ही छोटे-छोटे पहलुओं या संयोग के बारे में बताया गया है। असुरक्षा से जुड़े अपने विवादित बयानों पर उन्होंने कहा कि मैंने कुछ भी नया नहीं कहा है। अगर आप मेरे बयानों को देखेंगे, तो मैंने 10 साल में 500 बार बोला है। मैंने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी है। यह कहना गलत होगा कि मैंने अपने कार्यकाल के आखिरी दिन उस विषय पर क्यों बोला? जो लोग ऐसा बोल रहे हैं, उन्होंने न तो मेरी किताब पढ़ी है और न ही उन्हें मेरी स्पीच सुनने में ज्यादा रुचि है।

याद रहे, हमेशा विवादों से दूर रहने वाले भारत के पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने अपने कार्यकाल के आखिरी क्षण में मुसलमानों की सुरक्षा के बाबत सवाल उठाकर एक नई बहस छेड़ दी थी। मामला देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश से जुड़ा था।  यूपी की योगी सरकार ने राज्य के सभी मदरसों में स्वतंत्रता दिवस पर होने वाले कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी कराने के निर्देश जारी किए थे। इस आदेश का भारी विरोध हुआ था।

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