GST council meeting | ….. इसलिए पेट्रोल, डीजल को GST के दायरे में लाने का निर्णय नहीं हो पाया; वित्त मंत्री ने बताई वजह 

नई दिल्ली, 18 सितंबर : GST council meeting | पेट्रोल, डीजल को जीएसटी में शामिल करने का प्रस्ताव ख़ारिज कर दिया गया है।  इसे लेकर कोई भी निर्णय नहीं होने की जानकारी केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने दी है।  वित्त मंत्री की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद् की हुई बैठक (GST council meeting) पर देशभर की नज़रें टिकी हुई थी।  सभी को उम्मीद थी कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी (GST) के दायरे में लाया जाएगा।  लेकिन कई राज्यों दवारा इसका विरोध किये जाने की वजह से यह निर्णय नहीं लिया जा सका।  निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने का यह सही समय नहीं है।  यह कहते हुए परिषद् के सदस्यों ने इसका विरोध किया।  वित्त मंत्री ने कहा कि परिषद् की बैठक में ईंधन को जीएसटी के दायरे में लाने पर चर्चा हुई।  लेकिन अधिकांश राज्य इसे लेकर नकारात्मक थे।  इसलिए पेट्रोल, डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने का निर्णय नहीं हो पाया।

जीएसटी परिषद की बैठक में दवाओं को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय 
कोरोना मरीजों के उपचार के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाइयों पर छूट 31 दिसंबर 2021 तक बढ़ा दिया गया है।  यह छूट दवाइयों पर होगी।  मेडिकल उपकरणों पर नहीं।  Amphotericin B और  Tocilizumab पर 31 दिसंबर तक जीएसटी नहीं लगेगा।  इसके साथ ही Zolgensma और  Viltepso जैसी दवा पर छूट देने का निर्णय लिया गया है।  इन दवाओं की कीमत 16 करोड़ रुपए है। मस्कुलर एट्रोफी बीमारी में यह दी जाती है।  इस पर लगने वाले आईजीएसटी पर छूट देने का निर्णय  लिया गया हैं।  इन दवाओं  का आयात किये जाने पर भी यह छूट रहेगा।  कैंसर में इस्तेमाल होने वाली दवाओं पर लगने वाली जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दी गई है।
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