Good News। पुणे से आई है खुशखबरी! कोरोना के खिलाफ अब पुराने हथियार आएंगे काम, छोटे बच्चों के लिए साबित होगा संजीवनी

पुणे: ऑनलाइन टीम- देश में आए कोरोना की दूसरी लहर अब कमजोर पड़ रही है। हालांकी तीसरी लहर का खतरा बना हुआ है। इस लहर से सबसे ज्यादा खतरा छोटे बच्चों को होने की संभावना है। इसी पृष्ठभूमि पर एक राहत भरी खबर आई है। छोटे बच्चों को दी जाने वाली मीजल्स वैक्सीन कोरोना वायरस से पूरी तरह से बचाता है। यह जानकारी एक रिसर्च में सामने आई है। पुणे के बी.जे मेडिकल कॉलेज ने इस पर रिसर्च किया है।

कोरोना के संक्रमण से शुरुआत में बच्चों की सुरक्षा करने का काम करने में मीजल्स वैक्सीन सक्षम साबित हुई है। इस सर्वेक्षण में 1 से 17 साल के बच्चे शामिल थे। सर्वेक्षण में शामिल बच्चो को दो ग्रुप में बांटा गया। कोरोना संक्रमित और जिन्हे कोरोना नहीं हुआ ऐसे दो ग्रुप में बच्चों को बांटा गया था। इस रिसर्च में सामने आया है कि मीजल्स वैक्सीन SARC-Co-V-2  के खिलाफ 87 प्रतिशत प्रभावी है।

बड़ो की तुलना में छोटे बच्चों को कोरोना का खतरा कम होने की बात कई विशेषज्ञों ने कही है। मीजल्स और बीसीजी के वैक्सीन लिए बच्चे में रोग प्रतिरोधक क्षमता तैयार हो जाती है। मीजल्स वैक्सीन पिछले 36 वर्षों से भारत के वैक्सीनेशन कार्यक्रम का हिस्सा है।

छोटे बच्चों को मीजल्स वैक्सीन देने से कोरोना से बचाव होता है, इसे लेकर रिसर्च ह्यूमन वैक्सीन एंड इम्युनोथेरेपेटिक नाम की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाल ही में प्रकाशित हुआ था। रिसर्च में सामने आई जानकारी राहत देने वाली है। हालांकि अन्तिम निष्कर्ष की प्रतीक्षा करनी चाहिए, ऐसा विशेषज्ञों का मानना है।

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