सरमा या सोनोवाल के बीच गोगोई की इंट्री, असम के सीएम की कुर्सी ‘तिकड़ी’ में फंसी

ऑनलाइन टीम. नई दिल्ली : असम में पूर्ण बहुमत के बाद भी यह तय नहीं हो पाया है कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा। कुर्सी पर ताजपोशी किसकी होगी।पार्टी में मुख्यमंत्री के नाम पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। पार्टी और संगठन के कुछ नेता सर्वानंद सोनोवाल को ही मुख्यमंत्री के तौर पर देखना चाहते हैं, लेकिन हेमंत बिस्वा सरमा का नाम केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचा है। वहीं कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व असम में रंजन गोगोई को कमान सौंपेगी, लेकिन उनके दावे को भाजपा नेताओं ने सिरे से खारिज कर दिया।

सर्बानंद सोनोवाल और हिमंत बिस्व सरमा को इस मामले में दिल्ली तलब किया गया। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल और स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्व सरमा एयरपोर्ट से सीधे भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर पहुंचे। बाद में केंद्रीय मंत्री अमित शाह , भाजपा के महासचिव बी एल संतोष और अन्य नेताओं के साथ भी बैठक करेंगे।

बता दें कि असम में विधानसभा चुनाव के लिए जारी नतीजों में एनडीए के खाते में 75 सीटें और कांग्रेस के नेतृत्व में बने महागठबंधन को 51 सीटें मिली हैं। बीजेपी 60 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। बीजेपी की सहयोगी पार्टी असम गण परिषद् (एजीपी) के प्रत्याशी 9 और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) के प्रत्याशी छह सीटों पर जीत दर्ज की है।

भाजपा ने इस बार मौजूदा मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल को चुनाव में आगे नहीं किया था। पार्टी ने प्रदेश के मंत्री हेमंत बिस्वा सरमा पर ज्यादा भरोसा जताया। चुनाव के दौरान हेमंत बिस्वा सरमा की दावेदारी सबसे ज्यादा रही। ऐसे में पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि प्रदेश की कमान किसके हाथ सौंपी जाए।

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