Loading...

राजाश्रय से एक ही जगह पर कुंडली मारे बैठे 350 शिक्षकों पर गिरेगी गाज

तीन से ज्यादा साल से एक ही जगह नियुक्त शिक्षकों का होगा तबादला

Loading...
पिंपरी। सँवाददाता : राजनेताओं के आशीर्वाद से बरसों से एक ही जगह पर कुंडली मारे बैठे पिंपरी चिंचवड मनपा के शिक्षकों पर तबादले की गाज गिरने जा रही है। मनपा की शिक्षा समिति ने ऐसे सभी प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों के तत्काल तबादले करने का फैसला किया है, जो तीन या पांच साल से ज्यादा समय तक एक ही जगह नियुक्ति पाकर बैठे हैं।
Loading...
मनपा प्रशासन की मानें तो ऐसे शिक्षकों की संख्या करीबन 350 है। इसके अलावा सेवाज्येष्ठता का आधार पर पर्यवेक्षकों को पदोन्नति देने का फैसला भी शिक्षा समिति की सभा में किया गया।
सरकारी नियमों के मुताबिक किसी भी सरकारी मुलाजिम की तीन या पांच साल से ज्यादा समय तक एक ही जगह पर नियुक्ति कायम नहीं रखी जा सकती। उन्हें इस मियाद के बाद दूसरी जगहों पर तबादला करना जरूरी है। इसी नियम के आधार पर प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों के लिए भी लागू है। हालांकि पिंपरी चिंचवड मनपा स्कूलों में नियुक्त शिक्षकों के लिए शायद यह नियम लागू नहीं है। यही वजह है कि कई शिक्षक सालों से एक ही जगह पर कुंडली मारे बैठे हैं। कई शिक्षक तो ऐसे हैं जो एक ही जगह पर 25- 25 साल से नियुक्त हैं। ऐसे शिक्षकों को राजनेताओं का राजाश्रय प्राप्त है, जो उन्हें दूसरी जगहों पर तबादले से संरक्षण देता है।
Loading...
हालिया मनपा के प्रशासन विभाग ने ऑनलाइन पद्धति से एक ही स्कूल में 15 साल तक नियुक्त शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की डंडा लहराया था। ऐसे शिक्षकों को बचाने के लिए राजनेताओं ने इस बार भी पहल की। मगर राजनीतिक दबाव के आगे न झुकते हुए 46 शिक्षकों के तबादले कर दिए। इसके बाद भी कई शिक्षक राजनेताओं और नगरसेवकों की सिफारिशों को लेकर तबादले रुकवाने के लिए शिक्षा विभाग में चक्कर लगाते नजर आए। मनपा के प्राथमिक शिक्षा विभाग द्वारा हर साल समायोजन से शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया चलाई जाती है। राज्य सरकार के आदेशानुसार यह प्रक्रिया ऑनलाइन तरीके से पूरी की गई। तबादले के लिए योग्य एवं गुजारिश के ऑनलाइन जानकारी भरकर देनी थी। मगर सियासी हस्तक्षेप बढ़ने से मनपा आयुक्त श्रावण हार्डिकर ने सीधे ऑनलाइन तबादले कर दिए।
जिन 46 शिक्षकों के तबादले ऑनलाइन तरीके से कर दिए गए उनमें 44 शिक्षक मराठी और दो शिक्षक उर्दू स्कूल के थे। इसमें से एक मराठी स्कूल में 33 उपशिक्षक 14 से 25 साल से सेवारत पाए गए। उनके साथ 10 से 20 साल तक एक ही स्कूल में रहे 12 स्नातक शिक्षक और उर्दू माध्यमिक स्कूल के दो उपशिक्षकों का तबादला किया गया। जिन स्कूलों में शिक्षकों की सीटें रिक्त थी वहां इन शिक्षकों को तबादला दिया गया। अब शिक्षा समिति ने तीन साल से ज्यादा साल तक एक ही स्कूल में नियुक्त रहे शिक्षकों के तबादले का फैसला किया है। पर्यवेक्षक की सीटें भरते वक्त नियमों के अनुसार सेवा ज्येष्ठता के अनुसार भरी जाएं। सरकार से अतिरिक्त भेजे गए शिक्षकों की बजाय विज्ञापन देकर शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाय। उर्दू माध्यम के शिक्षकों की 43, हिंदी माध्यम की 15 सीटें रोस्टर पूरी कर सरकारी नियमों के अनुसार भरी जाय, ये प्रस्ताव शिक्षा समिति की सभा में पारित किए गए।
Loading...

Comments are closed.